बादलों के बावजूद राहत नहीं: कमतौल बाजार में दोपहर को पसरा सन्नाटा, पेड़ की छांव में ले रहे राहत

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पेड़ की छांव में आराम फरमाते राहगीर | Prabhat Khabar Network

पेड़ की छांव में आराम फरमाते राहगीर | Prabhat Khabar Network

कमतौल में उमस और गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, जिससे राहत के लिए लोग पेड़ की छांव का सहारा ले रहे हैं. पंखा और कूलर भी गर्मी कम नहीं कर पा रहे हैं. मौसम विभाग ने लू और डिहाइड्रेशन से बचाव की सलाह दी है.

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दरभंगा के कमतौल क्षेत्र में बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और हल्की हवा चलने के बावजूद उमस भरी भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है. तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं होने के कारण लोग जैसे ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, पसीने से तरबतर हो जा रहे हैं. विशेष रूप से राहगीरों, ठेला चालकों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए दोपहर का समय सबसे मुश्किल भरा साबित हो रहा है.

प्राकृतिक छांव में राहत तलाश रहे लोग

बाजार के मुख्य चौराहे पर लगे एक विशाल और घने पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में लोग छांव में आराम फरमाते देखे जा रहे हैं. उमस से परेशान राहगीर पेड़ के चबूतरे पर लेटकर अपनी नींद पूरी कर रहे हैं, तो कुछ लोग ठंडी छांव में बैठकर सुस्ता रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घरों और दुकानों में पंखा व कूलर चलने के बावजूद उमस से कोई राहत नहीं मिल रही है, जिसके कारण लोग इस चिलचिलाती धूप में प्राकृतिक छांव को ही एकमात्र जरिया मान रहे हैं.

उमस भरी इस गर्मी का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है.

  • दुकानदारों की जुबानी: स्थानीय दुकानदार सचिन कुमार ने बताया कि सुबह से ही हवा चल रही है, लेकिन वह पूरी तरह गर्म है. उमस इतनी ज्यादा है कि दोपहर के समय ग्राहक भी घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. ऐसे में दुकान के सामने पेड़ के नीचे बैठकर ही थोड़ी राहत मिल पा रही है.
  • दुकानों पर सन्नाटा: बाजार में आम दिनों की तुलना में चाय-नाश्ते और अन्य **दुकानों पर भीड़ काफी कम दिख रही है. लोग अपने जरूरी काम निपटाकर जल्द से जल्द घर लौटने की जल्दी में हैं. वहीं, स्कूलों से छुट्टी के बाद बच्चे भी तुरंत छांव और ठंडी जगहों की तलाश में भागते नजर आ रहे हैं.

डॉक्टरों की सलाह: डिहाइड्रेशन से बचें, 11 से 3 बजे तक निकलने से परहेज करें

मौसम विभाग के अनुसार, जिले में वर्तमान में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 80 फीसदी से अधिक बना हुआ है. यही मुख्य कारण है कि पुरवा हवा चलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही और शरीर से लगातार पसीना निकल रहा है.बदलते मौसम को देखते हुए डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है कि इस अत्यधिक उमस वाले मौसम में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) और लू (हीट स्ट्रोक) लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. चिकित्सकों ने आम जनता को सलाह दी है कि दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बहुत जरूरी न हो तो घरों से बाहर न निकलें. साथ ही, बाहर निकलने पर छाते का प्रयोग करें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस का घोल पीते रहें.

अगले दो-तीन दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा. आर्द्रता का स्तर ऊंचा रहने के कारण उमस से फिलहाल निजात मिलने के आसार नहीं हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, जब तक इलाके में अच्छी और झमाझम बारिश नहीं होती, तब तक लोगों को इस चिपचिपाती गर्मी को झेलना पड़ेगा.


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Shivendra Kumar Shar

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By Shivendra Kumar Shar

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