दरभंगा: निजी अस्पताल में मृत घोषित नवजात में सांस चलने का दावा, परिजनों का हंगामा

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अस्पताल परिसर में परिजनों की जुटी भीड | Prabhat Khabar Network

अस्पताल परिसर में परिजनों की जुटी भीड़ | Prabhat Khabar Network

दरभंगा के एक निजी अस्पताल में चार दिन के इलाज के बाद मृत घोषित किए गए नवजात में घर ले जाते समय सांस चलने की बात सामने आई है। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

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Darbhanga News: दिल्ली मोड़ के समीप रानीपुर स्थित एक निजी चिल्ड्रेन अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं. चार दिनों से भर्ती एक नवजात शिशु को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद घर ले जाते समय उसमें सांस चलने की आहट मिलने का दावा परिजनों ने किया है. इसके बाद परिजन नवजात को सकरी स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

चार दिन इलाज के बाद मृत घोषित करने का आरोप

मनीगाछी थाना क्षेत्र के राघोपुर दह टोला निवासी नवजात के पिता चंदन कुमार ने बताया कि उनके पुत्र का जन्म 20 जुलाई की रात हुआ था. जन्म के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर उसे रानीपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनका आरोप है कि चार दिनों तक इलाज के बाद बुधवार रात करीब डेढ़ बजे चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

उन्होंने बताया कि घर लौटने के दौरान बच्चे में सांस चलने जैसी आहट महसूस हुई. इसके बाद परिजन तत्काल उसे सकरी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज जारी है.

अस्पताल परिसर में हंगामा, खर्च का हिसाब मांगा

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए. परिजनों ने आरोप लगाया कि पूरी तरह पुष्टि किए बिना नवजात को मृत घोषित कर दिया गया. साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत हुए इलाज और खर्च का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया.

बढ़ते हंगामे के बीच अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी. सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया. बाद में परिजन लिखित शिकायत दर्ज कराने सदर थाना के लिए रवाना हो गए.

अस्पताल संचालक का पक्ष नहीं मिल सका

इस संबंध में अस्पताल के संचालक डॉ. सूरज का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.

इधर, सदर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.


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Ashok Kumar Jha

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By Ashok Kumar Jha

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