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Darbhanga News: एडवांस हो रहे टेक्नोलॉजी के साथ अपराधी भी हो रहे हाइटेक

Updated at : 09 Dec 2025 10:10 PM (IST)
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Darbhanga News: एडवांस हो रहे टेक्नोलॉजी के साथ अपराधी भी हो रहे हाइटेक

Darbhanga News:एडवांस हो रहे टेक्नोलॉजी के साथ अपराधी भी हाइटेक हो रहे हैं. अब चोरी की घटनाएं भी हाइटेक तरीके से की जाने लगी है.

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Darbhanga News: कुमार रोशन, दरभंगा. एडवांस हो रहे टेक्नोलॉजी के साथ अपराधी भी हाइटेक हो रहे हैं. अब चोरी की घटनाएं भी हाइटेक तरीके से की जाने लगी है. हाइटेक चोर पुलिस के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं. विगत एक सप्ताह में चोरी की आधा दर्जन घटना सामने आयी है. सभी घटनाओं को पैटर्न लगभग एक तरह का है. घर में परिवार के सदस्यों के रहने के बावजूद चोर घटना को बिना किसी हो-हंगामे के अंजाम दे रहे हैं. चोर एक ही रात में एक ही गांव में चार से पांच घर तक को निशाना बनाते हैं. रोचक पहलू यह है कि चोरों को पहले से अंदाजा रहता कि जिस घर में घटना को अंजाम दे रहे हैं, उसके किस कमरे में नकद व जेवरात है. चोर आराम से कमरा का ताला तोड़ देते है और बगल में सो रहे व्यक्ति को कुछ मालूम नहीं होता. ताला तोड़ने में चोर किस चीज को उपयोग करता है, जिससे बगल में सोने वाले की नींद नहीं खुलती, इसका पता पुलिस को नहीं चल पा रहा है. चोर अब चार पहिया वाहनों से चोरी करने निकल रहे हैं. घटना को अंजाम देने के बाद वे आराम से निकल जा रहे हैं.

नकली व असली की पहचान कर ले रहे चोर

कमरा में रखे आलमारी का लॉक तोड़ने के बाद सारा सामान चोर बेड पर पसार देता है. पहचान कर सोना तथा चांदी का असली जेवरात ही ले जाता है. नकली जेवर या सोने व चांदी की परत चढ़े जेवरात को चोर कमरा में ही फेंक देता है. असली जेवरात की पहचान चोर कैसे करता है, इसका पता अबतक पुलिस नहीं लगा सकती है.

कई दिन पूर्व से करता रेकी

लोगों का कहना है कि चोरी की घटना को अंजाम देने से कई दिन पूर्व से चोरों का गिरोह घरों की रेकी करता है. कुछ स्थानीय लोग को भी साथ मिला लेता है. स्थानीय लोगों में अधिकतर नशापान करने वाले युवा या किशोर होते है. फेरी वाला बनकर रेकी किये जाने की बात कही जाती है. कुछ माह पूर्व बेनीपुर में चोरी की घटना को अंजाम देने वालों ने पकड़े जाने पर पुलिस को बताया था कि वह फेरी वाला बनकर गिरोह के सदस्यों को सूचना देता था.

पूर्व में सेंध मारकर होती थी चोरी

पूर्व के समय में चोर अधिकतर बंद घर को सेंधमारी कर निशाना बनाते थे. घर का कीमती समान ले जाते थे. इसमें बक्सा, कपड़ा, जेवर, नकद आदि सामान होता था. लेकिन अब जेवरात व नकद के अलावा चोर किसी अन्य चीज को छूता तक नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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