लगातार बारिश से डीएमसीएच जलमग्न, मरीजों और डॉक्टरों की बढ़ी परेशानी

Author Kumar raushan|Edited by Sarfaraz Ahmad
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लगातार बारिश से डीएमसीएच का औषधि विभाग परिसर जलमग्न, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ीं मुश्किलें

डीएमसीएच के औषधि विभाग परिसर में जलजमाव की स्थिति

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) की जल निकासी व्यवस्था लगातार बारिश से पूरी तरह ठप पड़ गई है। अस्पताल परिसर में जलभराव से मरीजों, उनके परिजनों और डॉक्टरों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हर साल की यही कहानी, पर समाधान का इंतजार।

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Darbhanga News: लगातार हो रही बारिश ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है. अस्पताल के औषधि विभाग परिसर समेत इमरजेंसी चौक से न्यू सर्जिकल बिल्डिंग और मातृ एवं शिशु केंद्र (एमसीएच) तक की सड़कें जलमग्न हो गई हैं. इससे मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ट्रॉली से मरीज ले जाना भी बना चुनौती

इमरजेंसी विभाग से गंभीर मरीजों को ट्रॉली के माध्यम से विभिन्न जांच केंद्रों और वार्डों तक पहुंचाने में कर्मचारियों को काफी कठिनाई हो रही है. सड़क पर जमा पानी के बीच ट्रॉली खींचना मुश्किल हो गया है. वहीं मरीजों के परिजनों को भी घुटने तक पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है.

टेंपो स्टैंड और जलभराव से बढ़ी समस्या

सबसे अधिक परेशानी इमरजेंसी चौक से सर्जिकल बिल्डिंग और एमसीएच तक जाने वाले मार्ग पर है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इमरजेंसी चौक लंबे समय से अघोषित टेंपो स्टैंड बना हुआ है. सड़क के दोनों ओर खड़े टेंपो और अन्य वाहनों के कारण बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती है. इससे एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है.

हर साल उठती है समस्या, समाधान नहीं

मरीजों के परिजनों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. अस्पताल परिसर में नाले का पानी जमा होने से बदबू और गंदगी फैल रही है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है.

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जलनिकासी की समस्या की जानकारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) को दे दी गई है. हालांकि लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.

गौरतलब है कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल डीएमसीएच में प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में अस्पताल परिसर की जलनिकासी और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना बड़ी चुनौती बना हुआ है.


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