बच्चों को बुनियादी शिक्षा व साक्षरता ज्ञान देने को चलेगा विशेष अभियान
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Jul 2024 11:02 PM
बच्चों को 2026-27 तक निपुणता का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने कार्यक्रम के संचालन के संबंध में फिर से दिशा निर्देश जारी किया है.
दरभंगा. सभी प्राथमिक एवं प्रारंभिक विद्यालय में पहली से तीसरी कक्षा के हजारों बच्चों को बुनियादी शिक्षा एवं साक्षरता ज्ञान दिलाने के उद्देश्य से मिशन निपुण बिहार (एफएलएन) के तहत विशेष अभियान पर जोर दिया जायेगा. इन बच्चों को 2026-27 तक निपुणता का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने कार्यक्रम के संचालन के संबंध में फिर से दिशा निर्देश जारी किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक सह निपुण बिहार मिशन के निदेशक मिथिलेश मिश्र ने कहा है कि पिछले वर्ष विद्यालय स्तर पर एफएलएन-टीएलएम उपलब्ध कराया गया है. साथ ही बच्चों को स्कूल बैग, नोट-बुक, पेंसिल, वाटर बोतल आदि सामग्री दी गई है. इस कार्यक्रम के संचालन के लिए एससीइआरटी के मार्गदर्शन में शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के आलोक में शिक्षक संदर्शिका बनाई गई है तथा शिक्षकों को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित किया जा रहा है, किंतु निरीक्षण के दौरान यह पाया जा रहा है कि प्रायः शिक्षक वर्ग कक्ष में शिक्षण प्रक्रिया में नवीन पद्धति का प्रयोग नहीं करते हैं. और न ही उपलब्ध कराये गये किट का कक्षा में अधिक प्रयोग किया जा रहा है. इसके लिए उन्होंने नए दिशा निर्देश जारी किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने नयी गाइडलाइन में कहा है कि पहली, दूसरी एवं तीसरी कक्षा के लिए अलग-अलग वर्ग शिक्षक नामित किए जायेंगे. इसमें यह ध्यान रखा जायेगा कि नामित शिक्षक ने एससीआरटी से एफएलएन प्रशिक्षण अवश्य प्राप्त किया हो. अगर विद्यालय से इन सभी कक्षाओं के लिए शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त अब तक नहीं किया है तो इसकी सूचना देने के निर्देश है ताकि प्रशिक्षण सुनिश्चित कराया जा सके. शिक्षक किसी पाठ के पढ़ने के बाद बच्चों को कार्य पुस्तिका के माध्यम से अभ्यास करायेंगे. उपलब्धि स्तर प्राप्त करने के लिए अभ्यास पूरा होने के बाद इसकी जांच की जाएयेगी. जांच में लाल स्याही का उपयोग करना आवश्यक होगा तथा हस्ताक्षर के साथ तिथि अंकित करना अनिवार्य होगा. विद्यालय की समय सारणी में एक घंटी पाठ वाचन (जोर से पढ़ने) के लिए निर्धारित की जाएगी. सभी बच्चों को जोर से पढ़ने का मौका अवश्य देना होगा. उन्होंने इन कक्षाओं के बच्चों के लिए आकलन ट्रैकर अनिवार्य रूप से लगाने को कहा है. इसकी प्रति मेल अथवा व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है. निदेशक ने शिक्षकों को प्रगति का आकलन नियमित रूप से करने के निर्देश दिए हैं तथा आकलन ट्रैकर को प्रत्येक सप्ताह अद्यतन करने के लिए कहा है. शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षक संदर्शिका के उपयोग को आवश्यक बताया है. नयी गाइड-लाइन में स्पष्ट किया गया है कि पहली कक्षा में नामांकित नए बच्चों के लिए पहले तीन महीने का विद्यालय तत्परता कार्यक्रम चहक संचालित किया जाएगा. चहक मॉड्यूल से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं की दक्षता विकसित की जाएगी तथा बच्चों को विद्यालय के लिए तैयार किया जाएगा. चाहत कार्यक्रम का संचालन एवं गतिविधि कैलेंडर के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा. विद्यालय निरीक्षक के दौरान चहक कार्यक्रम का अवलोकन किया जाएगा. विद्यालय के प्रधान शिक्षक वर्ग शिक्षकों को के साथ साप्ताहिक बैठक करेंगे. शिक्षकों को कक्षा प्रक्रिया में होने वाले समस्या क्या निराकरण के उपाय पर चर्चा होगी. बैठक की कार्यवाही को विद्यालय में संधारित किया जाएगा. अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों को घरों पर बात को जोर-जोर से पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
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