दवा को लेकर भटकते रहे मरीज व परिजन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Jul 2019 2:45 AM (IST)
विज्ञापन

एक से अनिश्चितकालीन बंदी की दी चेतावनी चिलचिलाती धूप में दवा खरीदने को हलकान रहे मरीजों के परिजन दवा दुकानदारों ने डीएम को सौंपा मांगों से संबंधित ज्ञापन दुकानों में फार्मासिस्ट रखने की बाध्यता का कर रहे विरोध दरभंगा : जिला केमिस्ट एंडड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिले की सभीदवा दुकानें सुबह आठ […]
विज्ञापन
एक से अनिश्चितकालीन बंदी की दी चेतावनी
चिलचिलाती धूप में दवा खरीदने को हलकान रहे मरीजों के परिजन
दवा दुकानदारों ने डीएम को सौंपा मांगों से संबंधित ज्ञापन
दुकानों में फार्मासिस्ट रखने की बाध्यता का कर रहे विरोध
दरभंगा : जिला केमिस्ट एंडड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को जिले की सभीदवा दुकानें सुबह आठ से दोपहर 12 बजे तक बंद रही. बंदी का व्यापक रहा. इस कारण सुबह से दोपहर तक दवा खरीदने को लेकर मरीज व परिजन यहां से वहां भटकते रहे. सरकार द्वारा दवा दुकानों पर 24 घंटे फार्मासिस्टों की उपस्थिति अनिवार्य किये जाने के निर्णय को वापस लिये जाने की मांग दवा दुकानदार कर रहे हैं. साथ ही औषधि विभाग की ओर से उत्पीड़न व भयादोहन को लेकर भी दवा की दुकानदारों में नाराजगी है. इन मामलों को लेकर आज चार घंटे तक दुकानों को बंद रखा गया.
इस कारण सरकारी व निजी अस्पताल में दिखाने आये मरीज व परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी. डीएमसीएच एवं सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से परामर्श के बाद दवा के लिये मरीज व परिजन भटकते दिखे. निजी अस्पतालों में भी उपचार के बाद मरीज व परिजन चिलचिलाती धूप में दवा दुकानों का चक्कर काटते रहे. दोपहर 12 बजे के बाद दवा की दुकानों के खुलने के बाद स्थिति सामान्य हो सकी. दोपहर से शाम तक दुकानों में भीड़ उमड़ पड़ी. कई मरीज व परिजन दवा लिये बिना वापस घर लौट गये. आंदोलन के कारण जिले की 22 सौ दवा दुकानों के चार घंटा तक बंद रखे जाने का संगठन ने दावा किया है.
असहनीय दर्द से कराहती रही नजरा खातून
दवा दुकान बंद रहने से नगर में इलाज के लिए आयी हायाघाट निवासी नजरा खातुन दर्द से कराहती मिली. बच्चों को लेकर वह सुबह घर से निकली थी. नौ बजे डीएमसीएच में डॉक्टरों से खुद व बच्चों की बीमारी के लिये परामर्श ली. सभी स्कीन रोग से ग्रसित हैं. सभी दवायें अस्पताल में नहीं मिली. बांकी दवा लेने के लिये दुकान पर गयी. दुकान बंद देख निराश होकर वहीं बैठ गयी. बतायी कि वह खुद व बच्चे स्कीन रोग से ग्रसित हैं. गर्मी में परेशानी बढ़ गयी है. असहनीय दर्द हो रहा है, लेकिन दुकानों की बंदी के कारण दवा नहीं मिली. दोपहर 12 बजे दुकान खुलने के बाद दवा लेकर वह घर गयी.
इसके अलावा भी अन्य दवा दुकानों के समक्ष मरीज व उनके परिजन लाचार व बेबस होकर घुमते रहे, दवा नहीं मिलने की बेचारगी उनके चेहरे पर साफ नजर आ रही थी, लेकिन सिवाय इंतजार के उनके समक्ष कोई विकल्प नहीं था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




