योगापट्टी अपहरण व हत्याकांड में पांच को आजीवन कारावास सजा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Apr 2017 6:05 AM (IST)
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वर्ष 2002 में बालेश्वर पांडेय का अपहरण के दौरान विरोध पर इनकी मां की गोली मार की गयी थी हत्या फास्ट ट्रैक कोर्ट सेकंड के न्यायधीश ओमप्रकाश ने सुनाया फैसला, साक्ष्य के अभाव में तीन बरी काफी चर्चित हुआ था यह मामला बेतिया : योगापट्टी के बालेश्वर पांडेय के अपहरण व इनकी मां परोरा देवी […]
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वर्ष 2002 में बालेश्वर पांडेय का अपहरण के दौरान विरोध पर इनकी मां की गोली मार की गयी थी हत्या
फास्ट ट्रैक कोर्ट सेकंड के न्यायधीश ओमप्रकाश ने सुनाया फैसला, साक्ष्य के अभाव में तीन बरी
काफी चर्चित हुआ था यह मामला
बेतिया : योगापट्टी के बालेश्वर पांडेय के अपहरण व इनकी मां परोरा देवी हत्याकांड मामले में फैसला आया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश ने मामले में आरोपित रामपुर दुखना टोला के लक्ष्मीकांत पांडेय, बालेश्वर कुमार, मैनेजर तिवारी, अवध कुमार पांडेय व राजेश्वर शुक्ला को दोषी करार देते हुए इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं न्यायधीश ओमप्रकाश ने मामले में तीन अन्य अभियुक्त वीरझन यादव, वाशू यादव एवं धनेश मुखिया को साक्ष्य अभाव में दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है.
अपर लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मामला वर्ष 2002 के अक्तूबर माह का है. योगापट्टी के दुखना टोला के रहने वाले बालेश्वर पांडेय 18 अक्तूबर 2002 को अपने दरवाजे पर शाम सात बजे बैठे थे. इसी दौरान करीब दर्जनभर अपराधी हरवे-हथियार से लैस होकर वहां आये और बालेश्वर पांडेय का अपहरण का उन्हे ले जाने लगे.
इसे देख बालेश्वर पांडेय के पिता रामनाथ पांडेय व चाचा भगवान जी पांडेय बचाने के लिए दौड़े तो इसपर अपराधियों ने दोनों को गोली मार जख्मी कर दिया. इतना ही नहीं अपहरण के विरोध करने पर अपराधियों ने बालेश्वर पांडेय की मां परोरा देवी की गोली मार हत्या कर दी. इस मामले में योगापट्टी थाने में बालेश्वर पांडेय का अपहरण व इनकी मां परोरा देवी की हत्या का मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया. अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने मामले में अज्ञात को नामजद करते हुए रामपुर दुखना टोला के लक्ष्मीकांत पांडेय, बालेश्वर कुमार, मैनेजर तिवारी, अवध कुमार पांडेय, राजेश्वर शुक्ला, वीरझन यादव, वाशू यादव एवं धनेश मुखिया के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. इसी मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उक्त सजा सुनाई.
प्रिया हत्याकांड
31 दिसंबर को प्रिया का गला दबा कर हत्या कर लाश को पंखे से लटकाया था सुसरालवालों ने
बेतिया. शहर के डीआइजी आवास के समीप 31 दिसंबर 2016 को हुई प्रिया देवी की हत्याकांड के आरोपी ननद को पुलिस ने गिरफ्तार कर ली.
गिरफ्तार आरोपी ननद नौरंगाबाग के वंदना देवी बतायी गयी है. मुफस्सिल थानाध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर वंदना को गिरफ्तार किया गया. वह घटना के बाद करीब चार माह से फरार चल रही थी. जबकि इस मामले में रक्सौल निवासी मृतक की मां ने सास सुनीता देवी, पति रितेश कुमार, ननद बंदना देवी,मोनी देवी,भैसूर मुन्ना कुमार और चचेरे देवर मुकेश कुमार को आरोपी बनायी थी. घटना स्थल से प्रिया के सास सुनीता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया था. जबकि अन्य आरोपी अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं. पुलिस फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है. यहां बता दें कि प्रिया देवी की सुसराल वालों ने गला दबाकर हत्या कर दिया था. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद प्रिया की लाश पंखे से लटाकर दिया था.
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