गरमी से मिली लोगों को राहत आफत. हवा के तेज झोंके के साथ आयी बारिश, गिरे ओले

Published at :16 Apr 2017 12:50 AM (IST)
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गरमी से मिली लोगों को राहत आफत. हवा के तेज झोंके के साथ आयी बारिश, गिरे ओले

बेतिया में बारिश के बाद सड़कों पर पसरा सन्नाटा. मौसम जिले में हुई बारिश से मौसम हुआ सुहाना गन्ना किसानों के चेहरे पर आयी खुशी- कई स्थानों पर पड़े ओले बेतिया : जिले में शनिवार की सुबह हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली. तापमान में आई गिरावट से काफी समय से गर्मी […]

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बेतिया में बारिश के बाद सड़कों पर पसरा सन्नाटा.

मौसम
जिले में हुई बारिश से मौसम
हुआ सुहाना
गन्ना किसानों के चेहरे पर आयी खुशी- कई स्थानों पर पड़े ओले
बेतिया : जिले में शनिवार की सुबह हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली. तापमान में आई गिरावट से काफी समय से गर्मी से परेशान चल रहे लोगों ने राहत की सांस ली. मौसम सुहाना हो गया.
शहर के अलावे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक बारिश हुई. हालांकि अचानक आयी तेज हवा के साथ बारिश के झोंके ने जहां लोगों की दिनचर्या बिगाड़कर रख दी. वहीं फसलों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा. सबसे अधिक दिक्कत तेज हवा के कारण आई. कुछ एरिया में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गयी. टूटी सड़कों ने भी लोगों को परेशान किया. खासकर स्कूल जाने वाले छात्रों को दिक्कत हुई.
कुछ वाहन चालक तो गंदे पानी के छींटों के कारण कपड़े बदलने के लिए घर जाना पड़ा. ये हालात पाश एरिया में सबसे अधिक देखे गए. हालांकि बारिश ने तापमान भी लुढ़का दिया. जिससे गर्मी झेल रहे लोगों को राहत मिली. हालांकि बारिश से जहां मकई एवं गन्ना किसान खुश दिखायी दिये वहीं अभी भी अपने खेतो में गेहूं की कटाई से वंचित किसानों में मायूसी छा गयी.
माधोपुर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक अजीत कुमार की मानें तो मकई एवं गन्ना के किसानों के लिए यह पानी अमृत की तरह है. वें चाहे तो मकई में सर्वोत्तम बाली लेने के लिए मकई के क्यारी में एक किलो युरिया एवं एक किलो वर्मी कंपोस्ट प्रति कठा के हिसाब से क्यारी के अनुसार छिड़काव करें.
वहीं गन्ना किसान चाहे तो गन्ने के क्यारी में एक किलो डीएपी एवं एक किलो यूरिया दे सकते हैं. इससे गन्ने को उपज को भी मजबूती मिलेगी. श्री कुमार की माने तो इस बारिश से गेहूं के वैसे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है. जिनके गेहूं की कटनी तो हो गयी है, लेकिन उसका दवंनी नहीं हुआ है. वहीं जिनके गेहूं अभी भी खेतों में लगे है, उन्हें कम नुकसान हुआ है. और वैसे किसानों को अब तीन चार दिन गेहूं की कटाई करने से परहेज करना चाहिए.
डीएओ ने मांगी रिपोर्ट : जिला कृषिपदाधिकारी शीलाजीत सिंह ने कहा है कि शनिवार को हुई तेज बारिश एवं ओलावृष्टि से जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुए नुकसान का आकलन कर प्रतिवेदन की मांग प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से की गयी है. उन्होंने बताया कि वहीं इसका आकलन कर सरकार को रिपोर्ट भेजी जायेगी.
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