सेवा व सफाई सबसे बड़ी पूजा : सुब्बाराव

Published at :12 Apr 2017 5:20 AM (IST)
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सेवा व सफाई सबसे बड़ी पूजा : सुब्बाराव

चंपारण शताब्दी समारोह. भितिहरवा गांधी आश्रम में युवा शिविर में दूसरे दिन हुए कई कार्यक्रम गौनाहा : प्रमुख गांधीवादी चिंतक डा. एसएन सुब्बा राव ने कहा कि सेवा और सफाई ही पूजा है. उन्होंने कहा कि किसी ईश्वर की पूजा के लिए धूपबती, टोपी और पगड़ी की जरूरत होती है. लेकिन गांधीवादियों की पूजा फावड़ा […]

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चंपारण शताब्दी समारोह. भितिहरवा गांधी आश्रम में युवा शिविर में दूसरे दिन हुए कई कार्यक्रम

गौनाहा : प्रमुख गांधीवादी चिंतक डा. एसएन सुब्बा राव ने कहा कि सेवा और सफाई ही पूजा है. उन्होंने कहा कि किसी ईश्वर की पूजा के लिए धूपबती, टोपी और पगड़ी की जरूरत होती है. लेकिन गांधीवादियों की पूजा फावड़ा कुदाल, बाल्टी और झाड़ू से शुरू होनी चाहिए.
श्री राव भितिहरवा स्थित गांधी आश्रम में आयोजित चंपारण शताब्दी युवा शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने युवाओं को सेवा और स्वच्छता को ही भगवान का पूजा बताया. इस दौरान उन्होंने सेवा पूजा राम की गीत गाकर युवाओं को नसीहत दी.
इस दिन सबसे पहले प्रात: 4.55 बजे डाॅ एसएन सुब्बा राव के नेतृत्व में सभी युवा नौजवान आवरे, नौजवान गाव रे युवा गीत गाया गया. इसके बाद गांधी आश्रम, कस्तूरबा उच्च विद्यालय प्लस टू एवं श्रीरामपुर गांव की गलियारे की साफ-सफाई की और गांव के लोगों को स्वच्छता के बाबत जागरूक किया गया. बाद के कार्यक्रम में डा. राव ने युवाओं को बताया कि पूर्व काल में लोगों का अलग-अलग झंडे होते थे. जैसे अर्जुन, राम, कृष्ण, लेकिन 1917 में पारसी महिला मैडम ने भारतीय झंडे का निर्माण किया. जिसका रंग भी हरा, उजला और केसरिया था.
वहीं 22 जून 1947 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में तिरंगा बनाया गया. जिसमें अशोक चक्र को डाला गया. इस मौके पर डा. राव ने 18 भाषाओं पर आधारित भारत की संतान नृत्य प्रस्तुत किया.
चंपारणवासियों में भरी है प्रेम व सहयोग की भावना
राजस्थान से आये युवाओं ने बातचीत के दौरान कहा कि उनके प्रांत की अपेक्षा चंपारण भले ही गरीब है और यहां शिक्षा की कमी है. परंतु यहां के लोगों में प्रेम और सहयोग की भावना कूट-कूट कर भरी है. उनके यहां के लोग शिक्षा के प्रति सरकारी विद्यालयों पर आश्रित है. लेकिन यहां आपसी प्रेम, भाईचारे और सहयोग से यहां के निजी विद्यालयों में जो शिक्षा का स्तर है यह उनके यहां से बेहतर है. युवाओं ने बताया कि इस शिविर में गांधी के विचारों से अवगत हुए अपने हाथ से अपना काम करने और गांधीजी के रास्ते पर चलने का संदेश दी गयी.
सीएम तक डॉ सुब्बा
ने पहुंचायी व्यथा
डाॅ सुभाष राव, पूर्व आईएएस व बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश तथा ज्योति बहन ने बताया कि वे बिहार के मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्होंने भितिहरवा आश्रम के विकास, कस्तूरबा उच्च विद्यालय प्लस टू का सरकारीकरण करने तथा भितिहरवा का नाम कस्तूरबाधाम रखने का आग्रह किया गया. किसानों के बाबत महात्मा गांधी ने चंपारण के किसानों के लिए नीलहे अंग्रेजों के खिलाफ भितिहरवा पहुंचकर आजादी का बिगुल फूंका और पूरे देश को आजाद कराया. फिर भी किसानों की स्थिति 64 साल भी ज्यों की त्यों है. वे शोषित और त्रस्त है. इस बाबत सीएम से क्या बातचीत हुई.
सरकार पर िनर्भरता ने बिगाड़े िकसानों के हालात
डाॅ एसएन सुब्बा राव ने कहा कि आजादी के पहले गांधी ने अपने हाथ शिक्षा दिया था. लेकिन आजादी के बाद लोग सरकार पर निर्भर हैं. जिन जिससे किसानों की हालत और बिगड़ गयी. आज के किसानों को गांधी का संदेश को याद दिलाने एवं लोगों में प्रेरणा भरने का काम हो रहा है.
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