मछली मारने गये बच्चे को मिली दो मूर्तियां
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jan 2017 5:18 AM (IST)
विज्ञापन

सोमवार को मूर्तियों को लेकर बैठा शाह आलम ़ श्रीनगर(बेतिया) : मछली मारने गये सात वर्षीय बच्चे को चंद्रावत नदी से दो मूर्तियां मिली हैं. मूिर्तयों के सोने व चांदी के होने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं. मामला शहर से सटे संतघाट का है. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बैरिया पुलिस ने दोनों मूर्तियों […]
विज्ञापन
सोमवार को मूर्तियों को लेकर बैठा शाह आलम ़
श्रीनगर(बेतिया) : मछली मारने गये सात वर्षीय बच्चे को चंद्रावत नदी से दो मूर्तियां मिली हैं. मूिर्तयों के सोने व चांदी के होने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं.
मामला शहर से सटे संतघाट का है. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बैरिया पुलिस ने दोनों मूर्तियों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. नटराज व रथ के स्वरूप की इन मूर्तियों को जहां ग्रामीण कीमती धातु यानि सोने व चांदी के होने का दावा कर रहे हैं, वहीं पुलिस का मानना है कि मूर्तियां सामान्य धातु की हैं. हालांकि स्वर्णकार से जांच के बाद ही स्थि ति स्पष्ट हो सकेगी.
संतघाट के रहनेवाले सब्जी विक्रेता आजाद मियां का पुत्र शाह आलम रविवार की शाम चंद्रावत नदी में मछली मारने गया था. जहां उसकी नजर पीले रंग की एक मूर्ति पर पड़ी. नटराज के स्वरूप की इस मूर्ति को उठा कर शाह आलम अपने पिता आजाद मियां की दुकान पर लेकर पहुंचा. जहां पुरानी मूर्ति देख आस-पास के लोगों की भीड़ लग गयी.
थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में यह खबर फैल गयी कि चंद्रावत नदी से सोने की मूर्ति मिली है. इधर, अगले दिन सोमवार की सुबह फिर चंद्रावत की ओर गये शाह आलम को एक और मूर्ति मिली. यह मूर्ति रथ के आकार की है. सफेद रंग होने के नाते ग्रामीण इसके चांदी के होने का दावा कर रहे हैं. सूचना पाकर थाने के दारोगा रविंद्र सिहं मौके पर पहुंच मूर्तियों को अपने कब्जे में लिया.
जांच शुरू
शहर से सटे संतघाट का मामला, ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची बैरिया पुलिस ने दोनों मूर्तियों को किया जब्त
नटराज व रथ के स्वरूप में हैं बरामद मूर्तियां, सोना व चांदी की मूर्ति होने का दावा कर रहे ग्रामीण
मछली मारने गये शाह आलम ने मूर्तियों को देख अपने परिजनों को दी जानकारी, देखने के लिए जुटे ग्रामीण
मूर्तियों को जब्त कर जांच के लिए ले गयी बैरिया पुलिस
मूर्तियां पुलिस के कब्जे में हैं. प्रथम दृष्टया नटराज की मूर्ति पीतल की प्रतीत हो रही है. जबकि रथ के आकार की मूर्ति संभवत: चांदी हो सकती है. फिलहाल जौहरी से इसकी जांच करायी जायेगी. इसके बाद कुछ कहा जा सकता है.
संजय कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, बैरिया
मूर्ति देखने के लिए लगी रही भीड़
चंद्रावत नदी से मिली इन दोनों मूर्तियों को देखने के लिए सोमवार की सुबह से ही लोगों की भीड़ संतघाट चौक पर उमड़ने लगी. सभी इन मूर्तियों को प्राचीन होने का दावा कर रहे थे. हालांकि कुछ लोग इन्हें सजावटी मूर्ति भी बता रहे थे. करीब दो घंटे बाद पुलिस के पहुंचने पर लोग वहां से हटे. चरचा यह भी हो रही थी कि कहीं चोरी की यह मूर्तियां तो नहीं है. जिन्हें छिपाकर यहां रखा गया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




