सालों बाद जिंदा मिला लक्ष्मण, चार खा चुके जेल की हवा

Published at :12 Feb 2014 5:15 AM (IST)
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सालों बाद जिंदा मिला लक्ष्मण, चार खा चुके जेल की हवा

सरिसवा, बेतियाः बैरिया पुलिस ने जिस लक्ष्मण साह की हत्या के आरोप में चार लोगों जेल भेजा. वह लक्ष्मण आसाम से मिल गया है. वह वहां आइसक्रीम बेच रहा था. लक्ष्मण के साथ उसकी पत्नी भी थी. दोनों को दो बच्चे हैं. लगभग तीन साल पहले लक्ष्मण जब अपनी होनेवाली पत्नी के साथ लपता हुआ […]

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सरिसवा, बेतियाः बैरिया पुलिस ने जिस लक्ष्मण साह की हत्या के आरोप में चार लोगों जेल भेजा. वह लक्ष्मण आसाम से मिल गया है. वह वहां आइसक्रीम बेच रहा था. लक्ष्मण के साथ उसकी पत्नी भी थी. दोनों को दो बच्चे हैं. लगभग तीन साल पहले लक्ष्मण जब अपनी होनेवाली पत्नी के साथ लपता हुआ था. उस समय उसके पिता इंद्रजीत ने मामला दर्ज कराया था. उसी समय इलाके में एक लावारिश लाश मिली थी, जिसकी पहचान इंद्रजीत ने बेटे लक्ष्मण साह के रूप में की थी और इसका आरोप लक्ष्मण की पत्नी के पिता समेत चार लोगों पर लगाया था, जिन्हें इस मामले में जेल जाना पड़ा था.

जानकारी के मुताबिक, इंद्रजीत साह का बेटा लक्ष्मण अपने गांव की ही एक लड़की के साथ दो साल पहले गायब हो गया था. इसको लेकर लक्ष्मण के पिता इंद्रजीत ने पांच जून 2011 को बैरिया थाने में मामला दर्ज कराया. इसको लेकर बैरिया थाना में मामला दर्ज किया गया. इसी बीच मझौलिया थाना क्षेत्र में राजाघाट के पास एक अज्ञात शव मिला.

इसको लेकर मझौलिया थाने में मामला दर्ज किया गया. चूंकि इंद्रजीत साह का बेटा गायब था. इसी वजह से बैरिया पुलिस ने मझौलिया ले जाकर उससे शव की पहचान करवायी. इंद्रजीत ने शव की पहचान अपने बेटे लक्ष्मण साह के रूप में की. पुलिस ने उनकी बात को सही मान लिया. शव को इंद्रजीत साह को सौप दिया.

इस मामले में इंद्रजीत साह ने रामायण हजरा, गोपी पासवान, रनू पासवान व बुनीलाल पसवान को आरोपित बनाया. इसमें रामायण हजरा उस लड़की के पिता हैं, जिसके साथ लक्ष्मण साह के भागने की बात हुई थी.

इधर, रामायण हजरा ने अपनी लड़की को अगवा करने का आरोप लक्ष्मण साह, संजय साह, ईश्वर साह, अजय साह पर लगाया था. उस समय पुलिस ने रामायण हाजरा के आवेदन पर कार्रवाई नहीं की थी. अलबत्ता लक्ष्मण साह के पिता की ओर से दर्ज कराये गये मामले को सही माना था. उनकी ओर से नामजद किये गये सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. रामायण हाजरा समेत चार लोगों को लगभग छह माह तक जेल में रहना पड़ा था. हाइकोर्ट से जमानत पर ये लोग छूटे थे.

लक्ष्मण को लगभग तीन साल बात असम के गोला घाट में आइसक्रीम बेचते हुये पकड़ा गया. उसे बैरिया पुलिस ने पकड़ा. लक्ष्मण को पकड़ने के बाद रामायण हाजरा की ओर से दिये गये आवेदन के आधार पर जेल भेज दिया गया है. वहीं, लक्ष्मण के पिता पर झूठा मामला दर्ज कराने का आरोप लगा है. इसे लेकर मझौलिया थाने में अलग से मामला दर्ज किया गया है. इसमें इंद्रजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, लक्ष्मण साह की कथित हत्या के आरोप में जेल जा चुके रामायण हाजरा समेत अन्य लोगों में न्याय की आशा जागी है.

पुलिस ने भले ही लक्ष्मण साह के मामले को सुलझा लिया है, लेकिन अभी सवाल ये है, वह शव लक्ष्मण का नहीं था तो किसका था. इसका पता पुलिस को लगाना है. मामले को लगभग तीन साल हो रहे हैं. ऐसे में पुलिस के सामने ये चुनौती होगी.

ससुराल में है किरण

बेतिया. लक्ष्मण साह जिस लड़की किरण (काल्पनिक नाम) के साथ गांव से गायब हुआ था. वह भी उसी के साथ मिली है. वह उसके साथ ही रह रही थी. किरण का कहना है, लक्ष्मण उसे भगा कर नहीं ले गया था, बल्कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ गयी थी. दोनों साथ में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे. दोनों को दो बच्चे भी हैं. किरण ने कहा, उसके पिता ने लक्ष्मण पर जो अगवा करने का आरोप लगाया है, वह केवल एक साजिश है. मैं अपनी ससुराल में दो बच्चों के साथ रह रही हूं.

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