उपमुखिया चुनाव को लेकर हुआ विवाद, दोनों ओर से हुई पत्थरबाजी

Published at :19 Jun 2016 6:17 AM (IST)
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उपमुखिया चुनाव को लेकर हुआ विवाद, दोनों ओर से हुई पत्थरबाजी

गोली लगने से दो जख्मी मुखिया व उपमुखिया सहित 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज बाघों के डर से िदयारा के किसानों ने छोड़ी खेती! भितहां (बेतिया) : बाघ के दो जाेड़ों के डर से लोदिहरवा, धखनही व सोनबरसा के किसानों की खेती पर संकट है. ये लोग गंडक के दियारा इलाके में खेती करते […]

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गोली लगने से दो जख्मी

मुखिया व उपमुखिया सहित 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
बाघों के डर से िदयारा के किसानों ने छोड़ी खेती!
भितहां (बेतिया) : बाघ के दो जाेड़ों के डर से लोदिहरवा, धखनही व सोनबरसा के किसानों की खेती पर संकट है. ये लोग गंडक के दियारा इलाके में खेती करते हैं, लेकिन यहां पर पिछले छह माह से इन बाघों ने डेरा जमाया हुआ है, जिसकी वजह से खेती नहीं हो पा रही है. किसान गन्ने की फसल लगा पाये थे, लेकिन उसकी निकौनी नहीं कर सके. किसान वन विभाग से मदद की गुहार लगा रहे हैं.
लोदिहरवा घाट इलाके के रहनेवाले किसानों का कहना है कि बाघ रोज उत्पात मचा रहे हैं. ग्रामीण रघुनाथ यादव ने बताया कि गांव के लगभग पचास किसानों ने खेती के लिए दियारा इलाके में अस्थायी झोपडियां बना रखी हैं, लेकिन डर के मारे किसान अब वहां पर नहीं जा पाते हैं. साथ ही दिन के समय भी डर बना रहता है, क्योंकि बाघ दियारा में उगी झाड़ियों में छुपे रहते हैं.
ग्रामीण श्रीकिशुन बीन व विक्रम बैठा ने कहा कि वन विभाग की टीम पहले आयी थी, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली, क्योंकि दियारा इलाका काफी दूरी में फैला है, जिसकी सैकड़ों एकड़ भूमि पर खेती होती है, लेकिन अब हम लोगों के सामने खेती पर संकट पैदा हो गया है. ये इलाका गंडक नदी के पार पड़ता है, जहां पर किसान लोदिहरवा घाट से होकर जाते हैं, लेकिन बाघों के डर से नदी के घाट पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है.
ग्रामीण कहते हैं कि कोशिशों के बाद भी बाघ को पकड़ा नहीं जा सका है. स्थानीय निवासी केदार यादव ने बताया कि बाघ ग्रामीणों के पशुओं का शिकार भी कर देते हैं. साथ ही रोज लोदिहरवा घाट तक दिख जाते हैं. ऐसे में आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोग दहशत में रह रहे हैं. लोगों को डर लग रहा है कि खेती तो बंद हो गयी है. कहीं, बाघ गांवों की ओर का रुख नहीं कर दें. इस इलाके की भौगोलिक स्थिति की बात करें, तो ये जंगल से लगभग 12 किलोमीटर दूर पड़ता है. पूरा इलाका दुर्गम है. बाघों की वजह से नदी के पार आने-जाने से भी लोगों को रोक दिया जाता है. ग्रामीण बताते हैं कि अगर कोई अनजान व्यक्ति आता है, तो उसे वापस कर दिया जाता है. ग्रामीण वन विभाग की ओर से किये जा रहे काम से भी
खुश नहीं हैं. इनका कहना है कि विभाग की टीम खानापूर्ति करके चली जाती हैं, क्योंकि पिछले छह माह से ये संकट बना हुआ है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो पाया है. शनिवार को भी वन विभाग की टीम ग्रामीणों की सूचना पर इलाके में पहुंची थी, लेकिन स्थानीय लोगों से उसका संपर्क नहीं हुआ.
स्थानीय लोगों ने बताया कि वन विभाग की गाड़ी उन लोगों ने देखी है, लेकिन विभाग के लोगों ने उनसे बात नहीं की है. भितहां थानाध्यक्ष अब्दुल मजीद ने बताया कि पूर्व में इसकी सूचना वन विभाग को दी जा चुकी है. सूचना पर वन विभाग की टीम दियारा में पहुंची थी, लेकिन बाघ को नहीं पकड़ सकी.
छह माह से
जमाये हैं डेरा
बाघों के दो जोड़े लोदिहरवा घाट के पास दियारा में देखे गये
सैकड़ों एकड़ फसल पर संकट
गन्ना की निकौनी नहीं कर
सके इलाके के किसान
भदई धान भी नहीं लगा सके
तीन गांव पर पड़ा असर
वन विभाग से लगायी गुहार
बंद किया गया लोदिहरवा घाट
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