संदिग्ध मौत. बाघों को मारने का था मुख्य आरोपित
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Apr 2016 3:35 AM (IST)
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हरि गुरो की सदर अस्पताल में मौत बेतिया : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाघों की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार हरि गुरो (62) की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी. बुधवार की शाम गंभीर हालत में बगहा जेल से इलाज के लिए उसे बेतिया सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान देर शाम छह […]
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हरि गुरो की सदर अस्पताल में मौत
बेतिया : वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बाघों की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार हरि गुरो (62) की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी. बुधवार की शाम गंभीर हालत में बगहा जेल से इलाज के लिए उसे बेतिया सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान देर शाम छह बजे उसकी मौत हो गयी.
बगहा जेलर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि हरि गुरो को बुधवार की सुबह सात बजे सीने में दर्द हुआ. पहले उसका इलाज जेल के डॉक्टर से कराया गया. फिर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत ठीक थी. सीने में दर्द को देखते हुये डॉक्टरों ने उसे बेतिया रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई. कैदी हरि वाल्मीकिनगर थाना के गोनौली का रहने वाला था. इधर, बेतिया अस्पताल में मौत के बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
10 मार्च को आया था जेल. हरि गुरो करीब बाघों की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था. वल्र्ड लाइफ टीम की मदद से पुलिस ने उसे गोनौली से ही गिरफ्तार किया था. बीते दस मार्च को उसे बगहा जेल में बंद किया गया था.
नौ बाघों को मारने की कबूली थी बात . गिरफ्तारी के बाद हरि गुरो ने दो सौल में नौ
हरि गुरो की
बाघों को मारने की बात कबूल की थी. उसकी निशानदेही पर बाघिन का शव भी मिला था. साथ ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. पुलिस व वन विभाग के अधिकारी उसे मामले का मुख्य अभियुक्त बता रहे थे.
दिल्ली से मिलता था आदेश. हरि गुरो ने पूछताछ में बाघों के अंगों की तस्करी करनेवाले गिरोह के बारे में खुलासा किया था. माना जा रहा है कि वो इस धंधे में शामिल पूरे नेटवर्क के बारे में जानता था. उसने बताया भी था कि दिल्ली से निर्देश मिलने के बाद भी वो लोग बाघ को मारते थे.
सीने में दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया था भरती
पहले जेल, फिर बगहा अनुमंडल अस्पताल में हुआ था इलाज
फरवरी माह में पकड़ में आया था हरि गुरो
वर्ल्ड लाइफ की मदद से हुई थी गिरफ्तारी
जवान रहना चाहता
था हरि गुरो
संदिग्ध हालात में मरा हरि गुरो बाघ का मांस खाना व खून पीना चाहता था. उसने ये बात सुनी थी कि बाघ का मांस खाने से ताकत आती है और खून पीने से जवानी बनी रहती थी. इस बात का खुलासा उसने पूछताछ के दौरान किया था. उसने ये भी बताया था कि उसे कोई जिंदा बाघ नहीं मिला. इस वजह से वो अपनी हसरत नहीं पूरा कर सका.
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