गुस्सा . वाणिज्य कर उपायुक्त के खिलाफ िकया प्रदर्शन , नोटिस के िखलाफ रोष
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
सड़क पर उतरे व्यापारी, जताया िवरोध पिछले एक माह से वाणिज्य कर विभाग की दबंगई की आग सुलग रही थी. दबे जुबान व्यापारी विरोध कर रहे थे. लेकिन खुल कर बात सामने नहीं आ रही थी. अचानक सोमवार को शहर के छोटे बड़े सभी व्यापारी एकजुट हुए और दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया. बगहा […]
विज्ञापन
सड़क पर उतरे व्यापारी, जताया िवरोध
पिछले एक माह से वाणिज्य कर विभाग की दबंगई की आग सुलग रही थी. दबे जुबान व्यापारी विरोध कर रहे थे. लेकिन खुल कर बात सामने नहीं आ रही थी. अचानक सोमवार को शहर के छोटे बड़े सभी व्यापारी एकजुट हुए और दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया.
बगहा : हुजूर ! मैं बीपीएल परिवार से हूं. शहर के थोक विक्रेता से नमक और मरचा बकाया लाता हूं. दिन भर बेचता हूं. शाम को व्यापारी का मूल धन वापस कर देता हूं. करीब 100 रुपये रोज कमाता हूं. इसी से मेरे बाल बच्चों को परवरिश होता है. मैं कहां से टैक्स दूंगा? लेकिन वाणिज्य कर विभाग के कर्मियों ने इनकी एक न सुनी.
1000 रुपये की नोटिस थमा दिये. साथ ही चेतावनी दिये कि 31 मार्च के पहले अगर ये टैक्स जमा नहीं होगा तो मुकदमा कर देंगे. एक नहीं, ऐसे दर्जनों बीपीएल परिवार के लोग हैं जिन्हें वाणिज्य कर विभाग का नोटिस मिला है. वे इस नोटिस को लेकर परेशान थे.
हालांकि वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी का कहना है कि सरकार के निर्देश के आलोक में टैक्स का निर्धारण किया गया है. वैसे लोगों को हीं नोटिस दी गयी है, जो टैक्स देने के काबिल हैं. इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है. अगर किसी की इस तरह की समस्या है तो वे कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं.
बड़े व्यापारियों की ये परेशानी
जिस व्यापारी ने एक वर्ष पूर्व 2000 रुपये टैक्स दिये थे, उसे 20 से 25 हजार रुपये का नोटिस थमा दिया गया है.व्यवसायी संघ के अध्यक्ष उमेश गुप्ता का कहना है कि वाणिज्य कर विभाग की ओर से नोटिस पूरी तरह से जोर जबरदस्ती के साथ दी जा रही है. अधिक राशि की नोटिस लेने से अगर व्यापारी इनकार करता है तो उसे धमकाया जा रहा है. जबरन हस्ताक्षर कर लिया जाता है. कंपाउंडिंग रजिस्ट्रेशन के लिए जिन व्यापारियों ने 10 हजार रुपये जमा किये हैं, उन्हें भी 50 हजार रुपये का नोटिस थमा दिया गया है.
जाने क्या है टिन नंबर
यह व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग की ओर से जारी किया जाता है. यह टैक्स आइडेंटीफिकेशन नंबर है. टिन नंबर के आधार पर वाणिज्य कर विभाग की ओर से टैक्स का निर्धारण किया जाता है.
व्यापारी के प्रतिष्ठान के सेल की बिलिंग के हिसाब से टैक्स की वसूली होती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










