एंबुलेंस का गैराज बन गया मूत्रालय

Published at :14 Dec 2015 3:18 AM (IST)
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एंबुलेंस का गैराज बन गया मूत्रालय

रामनगर : अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी में एंबुलेंस रखने के लिए बने शेड का उपयोग आम लोगों के पेशाब घर के रुप में हो रहा है. यहां एंबुलेंस रखने के लिए हजारों रुपये खर्च कर दीवार उठा दिया गया. पर महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक उसके उपर न तो छप्पर लगाया […]

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रामनगर : अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी में एंबुलेंस रखने के लिए बने शेड का उपयोग आम लोगों के पेशाब घर के रुप में हो रहा है. यहां एंबुलेंस रखने के लिए हजारों रुपये खर्च कर दीवार उठा दिया गया. पर महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक उसके उपर न तो छप्पर लगाया गया न ही दरवाजा लग पाया.

जिसके चलते लोग उसका उपयोग पेशाब घर के रूप में कर रहे हैं. पूरे जिला में बहुत कम ऐसे एपीएचसी हैं जिसके पास अपना एंबुलेंस है. पर यहां एंबुलेंस रहने के बावजूद रखने की जगह नहीं रहने व ड्राइवर के अभाव के चलते एंबुलेंस की सेवा रामनगर पीएचसी में लिया जा रहा है. बखरी एपीएचसी के चिकित्सक डाॅ शंकर शर्मा ने बताया कि पैसे के अभाव के चलते गेट व छप्पर नहीं लगाया जा रहा है.

सरकारी रुपये की लूट
बगैर पिलर के मात्र 5 इंच की दीवार से बने इस आधे- अधूरे शेड में अभी तक कुल 46 हजार 552 रुपये का खर्च दिखाया गया है. इसके अलावे इसमें मिट्टी भराई के नाम पर भी 5 हजार रुपया खर्च किया गया है. जबकि मिट्टी की भराई में दो टेलर मिट्टी गिरा कर छोड़ दिया गया.
नहीं रहता कोई स्टाफ
इस एपीएचसी में रात्रि सेवा बाधित है. कारण यह है कि कोई भी स्टाफ यहां रात्रि में नहीं रहता है. जबकि इसे 24 घंटे खुलना है. एक वर्ष के अंदर दर्जनों बार यहां का निरीक्षण किया गया. हर बार एक सप्ताह के अंदर रात्रि सेवा प्रारंभ करने का आश्वासन भी ग्रामीणों को दिया गया. पर अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. हालांकि रात्रि सेवा प्रारंभ करने के नाम पर यहां अच्छी खासी सरकारी रुपये को खर्च किया गया. पर व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया.
क्या कहते हैं प्रभारी
यह कार्य पूर्व के प्रभारी के समय का है. मुझे खर्च की जानकारी नहीं है. मैं खुद बखरी में हुए कार्य की जांच करूंगा. अगर अनियमितता पायी गयी तो कार्रवाई की जायेगी.
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