मामले को दबाना चाहता है प्रशासन

Updated at : 28 Nov 2013 5:17 AM (IST)
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मामले को दबाना चाहता है प्रशासन

मोतिहारीः सरकार की आठवीं वर्षगांठ मना रही थी, उसी दिन बिहार में दो शर्मनाक घटनाएं हुई. पटना से धनबाद जा रही ट्रेन में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि उसी ट्रेन में बिहार सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री यात्रा कर रहे थे. जीआरपी तथा आरपीएफ ने लड़कियों को कोई सुरक्षा नहीं प्रदान की. वहीं, […]

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मोतिहारीः सरकार की आठवीं वर्षगांठ मना रही थी, उसी दिन बिहार में दो शर्मनाक घटनाएं हुई. पटना से धनबाद जा रही ट्रेन में लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि उसी ट्रेन में बिहार सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री यात्रा कर रहे थे. जीआरपी तथा आरपीएफ ने लड़कियों को कोई सुरक्षा नहीं प्रदान की. वहीं, दूसरी घटना सुगौली में हुई, जिसमें जहरीली शराब के कारण 13 लोगों की मौत हो गयी. ये बातें बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने परिसदन में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि मौत का कारण जहरीली शराब है. अपनी गलती को छिपाने के लिए प्रशासन मौत का कारण अज्ञात बीमारी बता पीड़ित परिवारों पर दबाव देकर पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है. पुलिस परिजनों को डरा कर मामले को दबाना चाह रही है. प्रशासन के प्रभाव में आकर लोग असली बात नहीं बता रहे थे. श्री मोदी बुधवार को सुगौली के बहुरूपिया व गोड़ीगांव में पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे. कहा कि दो सौ प्रतिशत दावा है कि मौत जहरीली शराब से ही हुई है.

हमने मृतकों के परिजनों से एक-एक कर बात की है. एक महिला की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी. दूसरी जो महिला मरी है, वह भी शराब पीती थी. मौत से पहले का लक्षण भी जहरीली शराब से मिलती है. आंखों के आगे अंधेरा होना, उल्टी व पेट दर्द सभी लक्षण जहरीली शराब की पुष्टि करते हैं. ग्रामीणों ने भी कहा कि अवैध शराब बिक्री को लेकर पुलिस को पहले कहा गया था. बताया कि एक व्यक्ति के मरने के बाद निजी अस्पताल द्वारा जारी सर्टिफिकेट में भी शराब की बात बतायी गयी है. ललन दास नामक व्यक्ति बहुआरा मझौलिया का था, जिसको परिजनों ने प्रशासन के डर से निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. उसकी मौत 25 नवंबर को हुई थी. उन्होंने उक्त सर्टिफिकेट भी पत्रकारों को दिखाया. कहा कि मरने वाले अत्यंत गरीब परिवार के हैं, जिसके कुछ पीड़ित परिवारों की स्थिति बहुत दयनीय है. रामेश्वर प्रसाद को एक ही पुत्र है, जो अंधा है.

उसे प्रशासन द्वारा 20 हजार रुपये की सहायता भी नहीं दी गयी, क्योंकि उसका नाम एपीएल में है. वहीं बालकंहाई महतो व रीता देवी का आठ वर्षीय पुत्र व छह माह की पुत्री अनाथ हो गये हैं. मृतक तपी महतो के छह बच्चे दयनीय हाल में है. मृतक के परिजनों को सरकार पांच-पांच लाख का मुआवजा दे. साथ ही छह वर्ष पुराने शराब नीति की पुन: सरकार को समीक्षा करनी चाहिए एवं अवैध शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने शराब रोकने के लिए स्वयं सहायता समूह को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है, लेकिन वे यह आदेश दे कि जिस थाना क्षेत्र में अवैध शराब का एक भी भठ्ठी या अवैध दुकान नहीं होगा, उस थानाध्यक्ष को एक लाख का इनाम दिया जायेगा. अन्यथा उन्हें निलंबित किया जायेगा.

इस तरह से अवैध शराब पर पूर्व रूप से पाबंदी लगायी जा सकती है. वहीं, पूछे जाने पर कि मौत के बाद परिजनों ने मीडिया के समक्ष शराब की बात नहीं रखी थी, इस पर श्री मोदी ने कहा कि पुलिस के डराने-धमकाने के कारण लोगों ने बात नहीं बतायी. उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया वाले भी बात को सामने नहीं ला रहे. वहीं, सांसद डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि मरने वालों का सिमटम मिथाइल अल्कोहल वाला है. श्री मोदी ने प्रश्न उठाया कि जब पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में हुआ तो ऐसे में संरक्षित बिसरा को सुगौली थाना में भेजने के पीछे क्या मंशा है. जबकि फॉरेंसिक टीम उस समय मोतिहारी में ही थी. मौके पर विधायक रामचंद्र सहनी, चंद्रकिशोर मिश्र, राम गोपाल खंडेवाल, राकेश गुप्ता, अब्दुल रहमान मौजूद थे.

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