बिहार के इस जिले में खुलेगी मॉडर्न चीनी मिल, केंद्रीय टीम ने किया स्थल निरीक्षण

स्थल निरीक्षण करते अधिकारी
Bihar Chini Mill: पूर्वी चंपारण के चकिया में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है. केंद्रीय टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया, जिससे किसानों, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई उम्मीद मिली है.
Bihar Chini Mill: पूर्वी चंपारण जिले के चकिया में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर हलचल तेज हो गई है. नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) की केंद्रीय टीम ने प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. इस पहल से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद जगी है.
पुरानी मिल के साथ नई साइट का भी हुआ निरीक्षण
केंद्रीय टीम ने सबसे पहले वर्षों से बंद पड़ी चकिया चीनी मिल का जायजा लिया. यहां की मौजूदा स्थिति, मशीनरी और आधारभूत ढांचे का आकलन किया गया. इसके बाद टीम ने करीब पांच किलोमीटर पश्चिम राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे महुआवा में चिन्हित नई जमीन का निरीक्षण किया और उसकी उपयुक्तता पर विचार किया.
किसानों से सीधा संवाद, जुटाए गए आंकड़े
निरीक्षण के दौरान टीम ने आसपास के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन, आपूर्ति और उनसे जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली. इसके साथ ही कृषि विभाग और अन्य अधिकारियों से मिलकर सिंचाई, उत्पादन और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
3500 एमटी क्षमता की होगी आधुनिक मिल
निरीक्षण के बाद टीम के अधिकारी आरडी डोले ने बताया कि पुरानी चीनी मिल की क्षमता महज 500 मीट्रिक टन थी और वह पुरानी तकनीक पर आधारित थी. नई प्रस्तावित मिल 3500 एमटी क्षमता की होगी, जिसमें आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा.
इस मिल में इथेनॉल, बायो-सीएनजी और अन्य बायो प्रोडक्ट्स के उत्पादन की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विविधता बढ़ेगी.
शहरीकरण के चलते बदली गई लोकेशन
अधिकारियों के अनुसार, पुरानी मिल के आसपास अब तेजी से शहरीकरण हो चुका है, जिससे विस्तार की गुंजाइश कम हो गई है. इसी वजह से नई मिल के लिए महुआवा में अलग स्थान का चयन किया गया है, जहां भविष्य में विस्तार की बेहतर संभावनाएं हैं.
रोजगार और किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
नई चीनी मिल के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बाहर पलायन पर रोक लगेगी. गन्ना एक दीर्घकालिक फसल होने के कारण किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी. साथ ही स्थानीय बाजार और व्यापार को भी मजबूती मिलेगी.
रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
केंद्रीय टीम द्वारा जुटाए गए आंकड़ों का विश्लेषण कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. निरीक्षण के दौरान एनएफसीएसएफ के तकनीकी विशेषज्ञ, गन्ना विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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