4.5 करोड़ रुपये की दवा बर्बाद

सदर अस्पताल का मामला . एएनएम छात्रावास में है स्टोर दवा स्टॉक पर गिरी है छात्रावास की जर्जर छत स्टोर व उसके बरामदे में जमा है बारिश का पानी 27 प्रखंडों को होती है सेंट्रल स्टोर से दवा आपूर्ति दवा एक्सपायरी व फंगस लगने का बढ़ा खतरा मोतिहारी : आमलोगों की जिदंगी बचाने वाली दवा […]
सदर अस्पताल का मामला . एएनएम छात्रावास में है स्टोर
दवा स्टॉक पर गिरी है छात्रावास की जर्जर छत
स्टोर व उसके बरामदे में जमा है बारिश का पानी
27 प्रखंडों को होती है सेंट्रल स्टोर से दवा आपूर्ति
दवा एक्सपायरी व फंगस लगने का बढ़ा खतरा
मोतिहारी : आमलोगों की जिदंगी बचाने वाली दवा पानी व बदबू के बीच यू कहे स्वयं जिदंगी बचाने की जद्दोजहद कर रही है. यह हाल किसी दवा दुकान या देहाती अस्पताल की नहीं, बल्कि सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन के अधीन संचालित सेंट्रल स्टोर की है.
यह स्टोर जर्जर एएनएम छात्रावास मे संचालित हो रहा है, जहां करीब 50 लाख की दवा बर्बाद हो गयी है. या एक्सपायर होने की स्थिति में है. इसके अतिरिक्त फर्जीवाड़े में करीब चार करोड़ की जब्त दवा भी शामिल है. स्टोर में बारिश का पानी घुस गया है, जिससे कई प्रकार की दवा भींग गयी है, जो अब मरीजों के लायक नहीं रह गयी है.
इसके अलावा एक कमरे का छत बारिश के दौरान गिर गया, जिसमें विभिन्न प्रकार की सिरप व अन्य दवाईयां है. कुछ दवाईया, जर्जर एएनएम छत्रावास के बरामदे में रखी हुई है. स्टोर से जुड़े कर्मी बताते हैं कि पूरे छात्रावास का छत जर्जर है कब गिर जाए, कहा नहीं जा सकता. हमलोग आदेश का पालन करते हुए स्टोर का संचालन कर रहे हैं. स्टोर इंचार्ज चंद्रमोहन ने बताया कि 27 प्रखंडों के लिए 157 प्रकार की दवा स्टोर में रखी हुई है.
दवा रखने का होता है मानक : बीएमएसआइसीएल द्वारा आपूर्ति की गयी दवाओं का रखने का एक मानक होता है. कितना तापमान होना चाहिए, गदंगी न हो, जलजमाव से दूर हो, आसपास भी सफाई होनी चाहिए. लेकिन बदतर स्थिति यह है कि स्टोर के बरामदे व कमरे में जलजमाव है. चारों ओर झाड़-झंखाड़ है ऐसे में स्टोर में रखी दवाओं में फंगस लगकर बेकार हो जाए तो आश्चर्य नहीं.
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