बक्सर: भारत छोड़ो आंदोलन के 21 शहीदों को मिले सम्मान, गांवों में स्मारक और परिजनों को आवास-पेंशन की मांग

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क्रांति दिवस पर शहीद स्मारक समिति की बैठक में शहीदों को श्रद्धांजलि देते समिति के सदस्य | Prabhat Khabar Network

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डुमरांव शहीद स्मारक समिति ने सरकार से 21 वीर शहीदों के गांवों में स्मारक बनाने और उनके परिजनों को आवास व पेंशन देने की मांग की है।

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Buxar News : बक्सर जिला के डुमरांव नगर में शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रविवार को क्रांति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान डुमरांव थाना परिसर में तिरंगा फहराने के प्रयास में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों को याद किया गया. समिति के सदस्यों ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों की स्मृति को संरक्षित करना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है.

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21 शहीदों की स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने की मांग

समिति के सदस्यों ने बताया कि डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर 21 वीर सपूतों ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहादत दी थी. बावजूद इसके उनके गांवों में उनकी स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए अब तक ठोस पहल नहीं हो सकी है.

समिति ने सरकार से शहीदों के नाम पर स्मारक और अन्य निर्माण कराने की मांग की, ताकि स्थानीय शहीदों के बलिदान की जानकारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके.

शहीद परिजनों को मिले जमीन, आवास और पेंशन

बैठक में सदस्यों ने बताया कि इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय से पत्र भी प्राप्त हुआ है. समिति ने नगर विकास एवं आवास विभाग से जिला मुख्यालय और अनुमंडल मुख्यालय में 21 शहीदों के नाम पर शहीद स्तंभ बनाने की मांग की.

इसके साथ ही शहीद परिवारों को छह-छह डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय कॉलोनी बनाने की मांग रखी गयी. समिति ने शहीदों के उत्तराधिकारियों को प्रमाणपत्र जारी करने और शहीद परिजनों को पेंशन देने की मांग भी उठायी.

डुमरांव में बने शहीद मेमोरियल हॉल

समिति ने डुमरांव में शहीद मेमोरियल हॉल के निर्माण की मांग भी की. सदस्यों का कहना था कि मेमोरियल हॉल बनने से स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्थानीय घटनाओं और शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित किया जा सकेगा.

इसके अलावा 21 वीर सपूतों के गांवों में तोरण द्वार बनाने और उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की गयी. समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे स्मारक युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और स्थानीय शहीदों के बलिदान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे.

माल्यार्पण कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बैठक की अध्यक्षता समिति के संयोजक संजय चंद्रवंशी ने की, जबकि संचालन समिति के प्रवक्ता गोपाल प्रसाद गुप्ता ने किया. इस दौरान समिति के सदस्यों ने बारी-बारी से शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया.

बैठक में चुनमुन प्रसाद वर्मा, मंटू हाशमी, नंद जी गांधी, डॉ. संजय कुमार दास, हरेंद्र शर्मा, मो. इम्तियाज, मंगरू खारवर, कैलाश पटेल, बिहारी यादव, शंत कुमार गोड़, राजू केशरी, बाबुधन कुमार, मल्लिका अर्जुन सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे.


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