बक्सर: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बगेन में नियमों की अनदेखी, रात होते ही हॉस्टल छोड़ चली जाती हैं वार्डेन और शिक्षिका

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कस्तूरबा गांधी विद्यालय बगेन में वार्डेन और शिक्षिकाएं नियमों को ताक पर रखकर रात में हॉस्टल छोड़ देती हैं, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं।

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Buxar News : बक्सर जिला के ब्रह्मपुर प्रखंड के बगेन स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय की वार्डेन और एक महिला शिक्षिका शाम ढलते ही छात्राओं को हॉस्टल में छोड़कर गांव के एक किराए के मकान में रहने चली जाती हैं. इससे छात्राओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर चिंता बढ़ गई है.

रात में कैंपस में रहने का है नियम

सरकारी नियमों के अनुसार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत वार्डेन और महिला शिक्षकों को छात्राओं की सुरक्षा और आपात स्थिति में सहायता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय परिसर में ही रात्रि विश्राम करना अनिवार्य है. आरोप है कि बगेन विद्यालय में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है. यदि रात में किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ जाए या कोई अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो कैंपस में कोई जिम्मेदार अधिकारी या शिक्षिका मौजूद नहीं रहती.

भोजन और जरूरी सुविधाओं में भी लापरवाही का आरोप

अभिभावकों और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि छात्राओं को मीनू के अनुसार पौष्टिक भोजन, दूध, फल, नि:शुल्क पाठ्य सामग्री, पोशाक, साबुन, तेल और अन्य आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती. उनका कहना है कि कई आवश्यक वस्तुएं महीनों की देरी से मिलती हैं, जिससे छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है.

100 की क्षमता, लेकिन रह रही हैं सिर्फ 30 छात्राएं

विद्यालय में 100 छात्राओं के आवास, भोजन और शिक्षा की व्यवस्था का सरकारी प्रावधान है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्तमान में विद्यालय में केवल करीब 30 छात्राएं ही रह रही हैं. क्षमता की तुलना में छात्राओं की कम संख्या को लेकर भी विद्यालय की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.

अभिभावकों ने की जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा और सुविधाओं में लापरवाही के कारण लोग अपनी बेटियों को इस विद्यालय में भेजने से हिचक रहे हैं. उन्होंने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर संबंधित वार्डेन एवं शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा छात्राओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है.

बीईओ ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) जितेंद्र कुमार ने कहा कि यदि वार्डेन और महिला शिक्षिका रात में विद्यालय परिसर में नहीं रह रही हैं, तो यह विभागीय नियमों के विरुद्ध है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.


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संतोष कांत

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By संतोष कांत

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