बक्सर: विवादित जमीन की मापी पर घिरे सीओ, लोक शिकायत प्राधिकरण ने अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की

Author Sujeet Kumar|Edited by Rajeev Kumar
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सुनवाई करती लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमारी मनीषा | Prabhat Khabar Network

सुनवाई करती लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमारी मनीषा | Prabhat Khabar Network

डुमरांव में विवादित जमीन की गलत तरीके से पैमाइश करने पर तत्कालीन सीओ दिनेश कुमार के खिलाफ लोक शिकायत प्राधिकरण ने अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

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Buxuar News : बक्सर जिले के डुमरांव में विवादित भूमि की पैमाइश से जुड़े एक मामले में डुमरांव अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमारी मनीषा ने तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) दिनेश कुमार के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है. लोक शिकायत प्राधिकरण ने अपने अंतिम विनिश्चय में माना कि मामले में लोक प्राधिकार का रवैया बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 की भावना के अनुरूप नहीं था. आदेश की प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पदाधिकारी, बक्सर को भेज दी गई है.

बिना सूचना कराई गई ई-मापी का आरोप

परिवादी मनोज कुमार, पिता जगदीश प्रसाद, निवासी ठाकुर कुम्हार की गली, डुमरांव ने एक जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजा डुमरांव स्थित उनकी विवादित भूमि की ई-मापी 10 जून 2026 को बिना उचित सूचना और पक्षकारों की उपस्थिति के करा दी गई. परिवादी के अनुसार भूमि से संबंधित टाइटल सूट संख्या 814/2024 व्यवहार न्यायालय, डुमरांव तथा दाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 649/2025-26 भूमि सुधार उपसमाहर्ता, डुमरांव के न्यायालय में लंबित है. इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए पैमाइश कराई गई.

प्रतिवेदन और पुराने आदेश में मिला विरोधाभास

लोक शिकायत प्राधिकरण द्वारा मांगे गए प्रतिवेदन में अंचल अधिकारी ने बताया कि भूमि की ई-मापी 10 जून 2026 को अंचल अमीन द्वारा कराई जा चुकी है और यदि परिवादी असंतुष्ट हैं तो वे सक्षम प्राधिकार के समक्ष अपील कर सकते हैं.

सुनवाई के दौरान परिवादी ने पूर्व में पारित एक अन्य आदेश की प्रति प्रस्तुत की, जिसमें स्वयं अंचल कार्यालय ने कहा था कि टाइटल सूट लंबित रहने के कारण मापी संभव नहीं है तथा इस संबंध में भूमि सुधार उपसमाहर्ता से निर्देश मांगे गए हैं.

लोक शिकायत पदाधिकारी ने जताई गंभीर आपत्ति

लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि जब पहले ही यह स्वीकार किया जा चुका था कि न्यायालय में स्वत्व वाद लंबित रहने के कारण मापी नहीं की जा सकती, तो बाद में उसी भूमि की पैमाइश किस आधार पर कराई गई. आदेश में इसे संदेहास्पद बताते हुए कहा गया कि यह लोक प्राधिकार की स्वेच्छाचारिता और उदासीनता को दर्शाता है.

तत्कालीन सीओ पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा

प्रकरण में परिवाद स्वीकार करते हुए अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने तत्कालीन अंचल अधिकारी दिनेश कुमार के विरुद्ध शास्ति अधिरोपित करने एवं विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है. साथ ही आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी, बक्सर को भेज दी गई है.


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