बक्सर जिला परिषद में फंड और स्वीकृति रुकने से बवाल, सदस्यों ने किया 12 दिन के आंदोलन का ऐलान
विरोध प्रदर्शन करते लोगों की तस्वीर
Buxar District Council Protest: बक्सर जिला परिषद में विकास योजनाओं की स्वीकृति और फंड रिलीज नहीं होने से सदस्यों का आक्रोश बढ़ गया है. नाराज जिला परिषद सदस्यों ने कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रतिनिधियों ने वर्षों से लंबित योजनाओं और भुगतान प्रक्रिया में देरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए है. मामले को लेकर 12 दिन के चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है.
बक्सर से ओंकार नाथ मिश्र की रिपोर्ट
Buxar District Council Protest: बक्सर जिला परिषद में विकास योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति और लंबित भुगतान को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सड़क पर आ गया है. फंड रिलीज और फाइलों के अटकने से नाराज जिला परिषद सदस्यों ने गुरुवार को कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी. प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गर्म रहा, जहां जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से विकास योजनाएं अटकी पड़ी हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
वर्षों से लंबित योजनाओं पर बढ़ा आक्रोश
जिला परिषद सदस्यों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की कई महत्वपूर्ण योजनाओं की फाइलें प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई हैं. इसके चलते 15वें वित्त आयोग, पांचवें और छठे राज्य वित्त आयोग के तहत स्वीकृत योजनाओं का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है. प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि लगातार मांग और विरोध के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन
गुरुवार को जिला परिषद सदस्यों ने कार्यालय परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया और प्रशासनिक कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. इस दौरान कई सदस्य मौजूद रहे जिनमें डॉ. राजीव कुमार, केदार यादव, सुनैना देवी, गायत्री देवी, बेबी देवी, ममता कुमारी, धर्मेंद्र ठाकुर और अरमान मलिक सहित अन्य लोग शामिल थे.
12 दिनों के चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
जिला परिषद सदस्यों ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए 12 दिनों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है. आंदोलन का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है-
| 18 जून | जिला परिषद कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन |
| 20 जून | विरोध स्वरूप अधिकारियों का पुतला दहन |
| 22 जून | मांगों के समर्थन में अर्धनग्न प्रदर्शन |
| 24 जून | आंखों और हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध |
| 26 जून | कट-आउट लगाकर कालिख पोतो अभियान |
| 28 जून | कट-आउट पर अंडा फोड़ो कार्यक्रम |
| 30 जून | प्रतीकात्मक अर्थी जुलूस और आंदोलन का समापन |
प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल
आंदोलन कर रहे सदस्यों ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि जब तक योजनाओं की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप रहेंगे.
बक्सर जिला परिषद में शुरू हुआ यह विवाद अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है. आने वाले दिनों में जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ेगा, प्रशासन पर दबाव और बढ़ने की संभावना है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या आंदोलन और उग्र रूप लेता है.
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