बक्सर भाजपा में 11 मंडल अध्यक्षों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जिला अध्यक्ष की कार्यशैली से असहज होने का आरोप

Updated:
विज्ञापन

बक्सर में भाजपा के 11 मंडल अध्यक्षों ने जिला अध्यक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। युवा संगठन भी भंग कर दिया गया है।

विज्ञापन

Buxar News : भारतीय जनता पार्टी की बक्सर जिला इकाई में संगठनात्मक विवाद खुलकर सामने आ गया है. जिले के 11 मंडल अध्यक्षों ने एक साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सभी ने अपना त्यागपत्र भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष को भेजते हुए जिला अध्यक्ष पर मनमानी, तानाशाही रवैया और मंडलों में गुटबाजी का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया है. सामूहिक इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गयी है.

जिला अध्यक्ष की कार्यशैली से असहज होने का आरोप

प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गये त्यागपत्र में मंडल अध्यक्षों ने कहा है कि वे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और लगन से कर रहे थे. लेकिन वर्तमान जिला अध्यक्ष की कार्यशैली और कथित तानाशाही रवैये के कारण मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने में असहज महसूस कर रहे हैं. उन्होंने जिला अध्यक्ष पर मंडलों में गुटबाजी का माहौल पैदा करने सहित कई आरोप लगाये हैं.

प्रदेश अध्यक्ष से पदमुक्त करने की मांग

त्यागपत्र में मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश नेतृत्व से उन्हें तत्काल मंडल अध्यक्ष के दायित्व से मुक्त करने की मांग की है. साथ ही कहा है कि पार्टी ने उन्हें जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी, उसके लिए वे प्रदेश नेतृत्व के आभारी हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पद से इस्तीफा देने के बावजूद पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा बनी रहेगी और संगठन के विस्तार में उनका सहयोग जारी रहेगा.

इन 11 मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

सामूहिक इस्तीफा देने वालों में डुमरी के बंशीधर पांडेय, चौसा ग्रामीण की सबिता देवी, बक्सर ग्रामीण के दीपक कुमार सिंह उर्फ अमित सिंह, चौसा ग्रामीण के प्रकाश राय, चक्की के विनोद कुमार उपाध्याय, पांडेयपट्टी के अजय भट्ट, कोरान सराय के धर्मेंद्र पांडेय, बगेन के उदय उज्जैन, सोनबरसा के पिंकू कुमार चौबे, नियाज़ीपुर के आतिश कुमार लाल और बक्सर नगर पश्चिमी के अजय वर्मा शामिल हैं.

युवा भाजपा की मंडल समितियां भी भंग

इधर, संगठन के भीतर जारी विवाद के बीच युवा भाजपा के जिला अध्यक्ष ने जिले के युवा संगठन को भंग कर दिया है. युवा भाजपा की सभी मंडल कार्य समितियों को भी भंग करते हुए संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कार्यमुक्त कर दिया गया है. इससे पार्टी के अंदर संगठनात्मक संकट और गहराने की चर्चा है.

प्रदेश नेतृत्व के रुख पर टिकी नजर

एक साथ 11 मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे और युवा संगठन की मंडल समितियों को भंग किये जाने के बाद अब सबकी नजर भाजपा के प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर है. हालांकि, जिला अध्यक्ष की ओर से लगाए गये आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. पार्टी के अंदर उठे इस विवाद के बाद संगठनात्मक स्तर पर जल्द ही कोई निर्णय लिये जाने की संभावना है.


विज्ञापन
आशुतोष सिंह

लेखक के बारे में

By आशुतोष सिंह

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन