गाद हटाने के लिए होंगे बेहतर प्रयास
Updated at : 03 Jun 2017 8:24 AM (IST)
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बक्सर : केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती नमामि गंगे परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए गंगा निरीक्षण अभियान के क्रम में शुक्रवार को बक्सर पहुंचीं. यहां उन्होंने किला मैदान में आयोजित गंगा चौपाल में हिस्सा लिया. चौपाल में उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा […]
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बक्सर : केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती नमामि गंगे परियोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए गंगा निरीक्षण अभियान के क्रम में शुक्रवार को बक्सर पहुंचीं.
यहां उन्होंने किला मैदान में आयोजित गंगा चौपाल में हिस्सा लिया. चौपाल में उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता को बनाये रखने के लिए सभी सहयोग करें. कहा कि गंगा की दो बड़ी समस्या गाद और बालू का अवैध खनन है. गंगा का बालू दूध के समान है, लेकिन अवैध खनन करनेवाले गंगा का दूध नहीं खून पी रहे हैं. इसके बाद उन्होंने रामरेखा घाट पर बैठ गंगा का निरीक्षण किया और यहीं से नाव पर सवार होकर गंगा की यात्रा कर नमामि गंगे प्रोजेक्ट का जायजा लिया.
उन्होंने बक्सर में गंगा के संरक्षण पर 200 करोड़ रुपये खर्च किये जाने पर कहा कि वे इसे ज्यादा नहीं मानती. उन्होंने बताया कि करीब 66 करोड़ रुपये खर्च कर नगर से गुजरनेवाली जीवनदायिनी गंगा के घाटों के सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया है. उनके साथ नमामि गंगे प्रोजेक्ट के वरीय अधिकारियों के अलावा बक्सर के जिलाधिकारी, डीडीसी, एसडीओ, सदर बीडीओ व अन्य अधिकारी थे.
घाटों पर बनेंगे बायो डाइजेस्टर टॉयलेट : नमामि गंगे परियोजना के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत शहर के सात घाटों को सुंदर बनाया जायेगा. इन घाटों पर बननेवाले प्लेटफॉर्म से गंगा की कलकल धारा का दिलकश नजारा दिखेगा. योजना रिवर फ्रंट व्यू के तहत नाथ बाबा घाट व गोला घाट तक के गंगा तट को एक-दूसरे से जोड़ दिया जायेगा. योजना पर निर्माण कार्य पूरा होने पर गंगा किनारे का नजारा काफी आकर्षक होगा. योजना पूरी होने पर सुबह व शाम शहरवासियों को टहलने के लिए भी गंगा किनारा के रूप में एक नया विकल्प मिल जायेगा.
शहर के नालों से बह रहे गंदा पानी को गंगा में गिरने से रोकने के लिए 150 करोड़ की लागत से अंडर वाटर सीवरेज का प्लांट राज्य सरकार के माध्यम से बनवाया जायेगा. यह काम बुडको द्वारा किया जा रहा है.
बताया कि बक्सर के 100 किलोमीटर तक नाला बनाया जायेगा, ताकि शहर के छोटे-बड़े नालों का बहाव गंगा में न हो. इससे गंगा में रोजाना बहनेवाली गंदगी से मुक्ति मिल जायेगी. गंगा में जमी सिल्ट की बात स्वीकारते हुए कहा कि इसके निराकरण के लिए केंद्रीय जल संसाधन व नदी विकास मंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा में गाद की समस्या को खत्म करने के लिए किसी बांध (फरक्का बैराज) को नहीं तोड़ेंगे, लेकिन इसका निदान निकालेंगे. गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए एक्ट भी लाना होगा. पहले फेज का दो साल पूरा होने को है, लेकिन इसे हर हाल में किया जायेगा. पुरानी सरकारों के 29 सालों में गंगा के बिगड़े हालात के कारण भी समस्या बड़ी है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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