सत्या गैंग का आरोपित चढ़ा पुलिस के हत्थे

Updated at : 06 May 2017 1:13 AM (IST)
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सत्या गैंग का आरोपित चढ़ा पुलिस के हत्थे

ग्रामीण दुकानदारों को बनाता था अपना निशाना पुलिस ने रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल को किया बरामद बक्सर/ब्रह्मपुर : सत्या गैंग का एक सदस्य ब्रह्मपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने उसके पास से रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल और सिम को भी बरामद किया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उससे पूछताछ करनी […]

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ग्रामीण दुकानदारों को बनाता था अपना निशाना

पुलिस ने रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल को किया बरामद
बक्सर/ब्रह्मपुर : सत्या गैंग का एक सदस्य ब्रह्मपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने उसके पास से रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल और सिम को भी बरामद किया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब उससे पूछताछ करनी शुरू की, तो रंगदारी से जुड़े तीन मामले खुलकर सामने आ गये.पूछताछ के दौरान उसने तीन लोगों से रंगदारी मांगने की बात स्वीकार की है. पुलिस उसकी निशानदेही पर घटना में शामिल गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई है.
इस संबंध में ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष डीएन सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सदस्य ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के भरखर गांव का रहनेवाला कालीचरण राम का पुत्र जगजीवन राम है. उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले वह किशनगंज गया था, जहां एक होटल में खाना खाने के दौरान उसने कुछ लोगों को फोन से रंगदारी मांगते सुना, जिसके बाद उसके दिमाग में एक आइडिया आया
और गांव पहुंचते ही ग्रामीण दुकानदारों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया. सबसे पहले उसने सत्या के नाम से एक गैंग बनाया और चिट्ठी लिखकर लोगों से रंगदारी मांगनी शुरू कर दी. दी गयी चिट्ठी में वह अपना मोबाइल नंबर भी देता था. कई लोगों ने इसकी शिकायत थाने पर की थी, जिसके बाद से ही पुलिस सत्या गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई थी.
ऐसे पकड़ में आया जगजीवन : रंगदारी मांगने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे थे, जिससे ब्रह्मपुर पुलिस सकते में आ गयी थी. पुलिस ने मोबाइल की जांच की, तो सभी नंबर फेंक आइडी पर लिये गये थे, जिससे वह रंगदारी की मांग करता था.पुलिस के लिए यह अबूझ पहेली बनी हुई थी. पुलिस ने लिखावट की जांच करायी, तो जगजीवन के लिखावट से मेल खाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भरखर गांव से धर दबोचा.
दुकानदार पर भी होगा मामला दर्ज :
ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि फेंक आइडी पर सिम देनेवाले दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा. सिम देने के पहले कागजात की जांच पड़ताल जरूरी है. ऐसा नहीं करनेवाले सिम विक्रेताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि जगजीवन ने पिंटू गुप्ता और जयराम साव से रंगदारी की मांग की थी.
इसके साथ ही कई लोगों से भी रंगदारी मांगी है, जिसकी जांच की जा रही है. उसे एक जगह से 30 हजार रुपये भी मिला था, जिसका इस्तेमाल वह कपड़ा बनाने और सामान खरीदने में खर्च किया है.
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