गंगा को प्रदूषित होने से बचाएं : सचिंंद्रनाथ
Updated at : 20 Apr 2017 4:14 AM (IST)
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स्वागत. ऐतिहासिक यात्रा पर बक्सर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का जत्था पर्यटन विभाग के दिशा निर्देश पर तैनात रहे अधिकारी रामरेखा घाट पर हुआ कार्यक्रम बक्सर : महात्मा गांधी के पहले सत्याग्रह के 100 साल पूरा होने पर राज्य सरकार द्वारा मनाये जा रहे चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के तहत राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का एक […]
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स्वागत. ऐतिहासिक यात्रा पर बक्सर पहुंचा अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का जत्था
पर्यटन विभाग के दिशा निर्देश पर तैनात रहे अधिकारी
रामरेखा घाट पर हुआ कार्यक्रम
बक्सर : महात्मा गांधी के पहले सत्याग्रह के 100 साल पूरा होने पर राज्य सरकार द्वारा मनाये जा रहे चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के तहत राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कलाकारों का एक जत्था मंगलवार की शाम बक्सर पहुंचा. कलाकारों की टीम में दिल्ली से पेंटर सचिंद्रनाथ, पटना से मूर्तिकला विशेषज्ञ अमृत कुमार, चंडीगढ़ से गुरुवाणी के गायक भाई बलदेव सिंह, नेशनल फोटोग्राफर सिद्धार्थ वल्ला, सिनेमैटोग्राफर जसवीर सिंह व अन्य कई कलाकार थे. बुधवार की सुबह कलाकारों ने गंगा स्नान कार्यक्रम किया. गंगा स्नान में राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध पेंटर सचिंद्रनाथ ने प्रतीकात्मक तौर पर स्नान के दौरान विशेष आर्ट परफॉर्म किया
उन्होंने सबसे पहले अपने शरीर पर लेप लगवाया. फिर पॉलीथिन में बांध कर खुद को गंगा में विसर्जित कर दिया. उन्होंने मौजूद लोगों को बताया कि जिस तरह हम सभी पूजा-पाठ करते हैं और पॉलीथिन तथा कचरा फेंक देते हैं, उससे गंगा प्रदूषित हो रही है. हमें अपने दैनिक क्रियाकलापों में थोड़ा बदलाव लाकर जीवन दायिनी को प्रदूषण से बचाने का प्रयत्न करना चाहिए. इस दौरान उनके साथ जिले के प्रभारी डीएम मोबिन अली अंसारी, डीपीआरओ धीरेंद्र कुमार, नाजिर राकेश कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद थे.
डीपीआरओ के मंत्रोच्चारण से निहाल हुए कलाकार : रामरेखा घाट पर कलाकारों का गंगा स्नान का कार्यक्रम हो रहा था. इस दौरान दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. जैसे ही कलाकारों ने कार्यक्रम की शुरुआत की, तो वैदिक मंत्रोच्चार से डीपीआरओ धीरेंद्र कुमार ने शंखनाद किया. इसके बाद बंधन मुक्ति, स्नान, शुद्धिकरण आदि के मंत्र पढ़े. यह देख कर आसपास के अधिकारी और दर्शकों के साथ कलाकार भी निहाल हो गये. एक अधिकारी को मंत्रोच्चारण करते देख कलाकारों ने खूब तारीफ की.
अमृत की बनायी मूर्तियां की गयीं भेंट : मूर्तिकला के विशेषज्ञ अमृत कुमार ने गंगा की पेंटिंग कर कैनवास भरा. उन्होंने बताया कि बिहार में देश भर के जितने स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान के तौर पर महात्मा गांधी की प्रतिमा भेंट की गयी. वो सभी मूर्तियां उनके द्वारा ही बनायी गयी थीं. जिला प्रशासन की ओर से नाव और नाविक के साथ गोताखोरों की टीम तैनात की गयी थी. गंगा स्नान के बाद कलाकारों का जत्था पहले सिमरी के लिए रवाना किया. इस दौरान अहिल्या माता के उद्धार स्थल अहिरौली व सिमरी के साथ कई ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया.
गुरुवाणी गाकर शुरू हुई यात्रा
कलाकारों द्वारा विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. गुरुवाणी गायक भाई बलदेव सिंह ने गुरुवाणी गाकर यात्रा पर निकले. उन्होंने बताया कि गंगा के नाद में जो ध्वनि की यादें समायी हैं, उन्हें महसूस कर अच्छा लगा. कलाकारों ने जिला प्रशासन की व्यवस्था पर थोड़ी नाराजगी जाहिर की. मौके पर कला जत्था द्वारा नुक्कड़ नाटक और गीतों का कार्यक्रम हुआ. नाटक व गीतों के जरिये गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिशों को रंग दिया गया.
डुमरांव जाने की ख्वाहिश रह गयी अधूरी : गुरुवाणी के मशहूर गायक भाई बलदेव सिंह ने बताया कि डुमरांव के मल्लिक घराने के रघुवीर मल्लिक से मिलना चाहते थे. उनके साथ बैठ कर किसी पेड़ की छांव में गीत गुनगुनाना चाहते थे, लेकिन पता चला कि गंगा में बढ़े बालू के कारण नाव डुमरांव नहीं जा सकती है. इसलिए उनकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गयी. उन्होंने बताया कि रघुवीर मल्लिक जी से मिलने के लिए वो दुबारा डुमरांव आना चाहेंगे और गंगा के तट पर उनके साथ राग अलापना चाहेंगे.
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