हादसे के बाद होती है सख्ती

Updated at : 16 Jan 2017 3:40 AM (IST)
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हादसे के बाद होती है सख्ती

अनदेखी. नियमों को ताक पर रख कर जिले में हो रहा नाव परिचालन बक्सर : जिले के गंगा में नाव परिचालन नियमानुसार नहीं हो रहा है. नाविक नियमों को ताक पर रख कर हर दिन नावों को चलाते हैं. ऐसे में नाव यात्रियों की जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है. पूर्व में भी […]

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अनदेखी. नियमों को ताक पर रख कर जिले में हो रहा नाव परिचालन

बक्सर : जिले के गंगा में नाव परिचालन नियमानुसार नहीं हो रहा है. नाविक नियमों को ताक पर रख कर हर दिन नावों को चलाते हैं. ऐसे में नाव यात्रियों की जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है. पूर्व में भी चौसा बारे स्थित घाट से यूपी जाने के क्रम में दर्जनों लोगों की मौत नाव डूबने से हो चुकी है. प्रशासन घटना के बाद नियमों को सख्त तरीके से अपनाता है, पर जैसे-जैसे समय बीतता है. प्रशासन भी सुस्त हो जाता है. पटना नाव हादसे के बाद जिला प्रशासन फिर एक बार नाव परिचालन को लेकर सख्त हुआ है. एमवीआइ, सीओ और इससे संबंधित पदाधिकारियों को विशेष हिदायत दी गयी है.
क्या है नियम : नाव के परिचालन में सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि नाव पर क्षमता से अधिक यात्री नहीं बैठे. लेकिन, इस नियम का पालन नहीं हो रहा है. वहीं, सूर्यास्त के बाद नाव का परिचालन नहीं करना है, पर बक्सर जहाज घाट से यूपी उजियार जाने के लिए अक्सर नाव का परिचालन रात्रि आठ बजे तक किया जाता है. जबकि नियमानुसार नावों का परिचालन रात्रि में नहीं करना है.
नहीं है सुरक्षा का इंतजाम
भगवान न करें, यदि बक्सर में हादसा हो, तो सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम फिलहाल नहीं है. स्थायी गोताखोरों के नाम पर बक्सर अनुमंडल में केवल दो गोताखोर हैं. जबकि कई अस्थायी गोताखोरों को रखा गया है, लेकिन यह समय पर मौजूद रहेंगे या नहीं. इसकी कोई गारंटी नहीं होगी.
प्रशासन हुआ अलर्ट
मंगलवार को जिला प्रशासन ने गंगा घाटों पर पहुंच कर ओवरलोडिंग पर रोक लगायी. एसडीओ गौतम कुमार ने बताया कि अनुमंडल के सभी नाव चालकों को बुलाया गया है. वहीं, एमवीआइ, सीओ और अन्य पदाधिकारियों को विशेष हिदायत दी गयी है. कहीं भी नाव परिचालन में नियमों की अनदेखी बरदाश्त नहीं की जायेगी.
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