देवधारी को गांजा फूंकना पड़ा महंगा, हो गया गिरफ्तार

Updated at : 04 Jan 2017 3:13 AM (IST)
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देवधारी को गांजा फूंकना पड़ा महंगा, हो गया गिरफ्तार

मिली सफलता दो कैदियों के और मिले सुराग, एक माह पहले भागने के लिए बनाया गया था प्लान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी बक्सर : बक्सर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर फरार हुए पांच कुख्यात बंदियों में से एक बंदी देवधारी राय को पुलिस ने छपरा से धर दबोचा. इस बार भी पुलिस […]

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मिली सफलता दो कैदियों के और मिले सुराग, एक माह पहले भागने के लिए बनाया गया था प्लान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

बक्सर : बक्सर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर फरार हुए पांच कुख्यात बंदियों में से एक बंदी देवधारी राय को पुलिस ने छपरा से धर दबोचा. इस बार भी पुलिस की लापरवाही एक बार सामने आयी.
देवधारी को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसकी जांच बेहतर ढंग से नहीं की, जिसका नतीजा कि उसने तेज हथियार से अपने हाथ का नस काट कर आत्महत्या करने की कोशिश की. पकड़े जाने के वक्त देवधारी राय गांजा पी रहा था. सर्विलांस के जरिये दो और बंदियों का पता पुलिस को चला है, जो जल्द ही पुलिस के गिरफ्त में होंगे. इस संबंध में पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपित पुलिस के जद में होंगे. इसके लिए पांच टीमों को लगाया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. विदित हो कि 31 दिसंबर को बक्सर सेंट्रल जेल के सख्त पहरे में सेंध लगाते हुए पांच कुख्यात अपराधी फरार हो गये थे. जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि अभी भी चार कैदी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
एक माह पहले रची गयी थी जेल से भागने की साजिश : जेल से भागने का प्लान एक माह पहले बनाया गया था. इसके साथ ही बंदियों ने कारा प्रशासन को अपने भरोसे में लेना शुरू कर दिया था. कारा प्रशासन का इन बंदियों पर भरोसा करना महंगा पड़ गया. इसकी भनक किसी को न लगे. इसके लिए बंदियों ने पहले मेडिकल वार्ड में अपना बसेरा बनाया और अपने प्लान की रूपरेखा तैयार करने में जुट गये. सूत्रों की मानें, तो इसमें अहम भूमिका ब्रह्मपुर के सोनू सिंह की है. इसके परिजनों को भी इनके बारे में पता था. फिलहाल पुलिस देवधारी से पूछताछ करने में जुटी हुई है.
जेल से निकलने के बाद पहुंचे यूपी और फिर चल दिये अलग-अलग रास्तों पर : बक्सर सेंट्रल जेल से फरार होने के बाद बंदी एक ही वाहन से उत्तरप्रदेश की सीमा में प्रवेश किये, जहां से देवधारी सहित सभी बंदी अलग-अलग रास्तों पर चल पड़े. देवधारी भागने के बाद छपरा अपने ननिहाल पहुंचा. बाकी कैदियों की जानकारी को लेकर पुलिस साइबर सेल की भी मदद ले रही है, ताकि जल्द-से-जल्द उन तक पहुंचा जाय. इधर पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा ने बताया कि देवधारी को बक्सर लाने की तैयारी की जा रही है. जिसके बाद मामले का खुलासा हो पायेगा.
एक ही नंबर पर कई बार जेल से हुई बात : पुलिस के रडार पर एक नंबर है जिससे कई बार फरार हुए बंदियों की बातचीत हुई है. सर्विलांस और आधुनिक अनुसंधान के जरिये पुलिस को वो नंबर मिला है,
जिस पर घटना के पहले और घटना के बाद बातचीत हुई है. फिलहाल सुरक्षा कारणों से इस नंबर को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. पुलिस इस नंबर की जांच में जुट गयी है. इसके साथ ही कई और बिंदुओं पर घटना से संबंधित मामलों की जांच की जा रही है.
रिपोर्ट पर टिकी कारा प्रशासन की नजर, कई कर्मियों की फूली सांस
बक्सर सेंट्रल जेल से फरार हुए कुख्यात पांच कैदियों के भागने में जांच टीम ने लापरवाही को सबसे बड़ी वजह मानी है. संयुक्त सचिव सह निदेशक प्रशासन कारा विभाग के राजीव वर्मा ने अपनी रिपोर्ट जेल आइजी को सौंप दी है. इस रिपोर्ट पर अब कारा प्रशासन की नजर बनी हुई है. टीम ने सुरक्षा में घोर लापरवाही की बात समाहित की है. ऐसे में कई और कर्मियों पर सस्पेंशन की गाज गिर सकती है. फिलहाल रिपोर्ट से कई कर्मियों की सांसें फूली हुई हैं. इधर घटना के बाद से ही कारा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गयी है. मोबाइल के जरिये भागने की पूरी प्लानिंग तय की गयी है.
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