लोक अदालत में बिना खटास के मामलों का होता है निष्पादन

Updated at : 25 Dec 2016 12:42 AM (IST)
विज्ञापन
लोक अदालत में बिना खटास के मामलों का होता है निष्पादन

शुभारंभ. विधिक सेवा सदन का हाइ कोर्ट के जज वी नाथ ने किया उद्घाटन पीड़िता को दिया गया ढाइ लाख का चेक बक्सर कोर्ट : व्यवहार न्यायालय के उत्तरी द्वार पर लगभग एक करोड़ 20 लाख की राशि से निर्मित विधिक सेवा सदन का उद्घाटन शनिवार को उच्च न्यायालय पटना के निरीक्षी न्यायाधीश सह न्यायमूर्ति […]

विज्ञापन

शुभारंभ. विधिक सेवा सदन का हाइ कोर्ट के जज वी नाथ ने किया उद्घाटन

पीड़िता को दिया गया ढाइ लाख का चेक
बक्सर कोर्ट : व्यवहार न्यायालय के उत्तरी द्वार पर लगभग एक करोड़ 20 लाख की राशि से निर्मित विधिक सेवा सदन का उद्घाटन शनिवार को उच्च न्यायालय पटना के निरीक्षी न्यायाधीश सह न्यायमूर्ति वी नाथ ने किया. इस अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर अपने संबोधन में न्यायमूर्ति श्री नाथ ने कहा कि वर्तमान परिवेश में न्यायपालिका मुकदमों से ओवर लोडेड हो गयी है. इसका मतलब यह नहीं कि लोग अब ज्यादा झगड़ालू हो गये हैं, बल्कि पहले की अपेक्षा लोगों में अपने अधिकारों को लेकर ज्यादा जागृति आयी है.
ऐसे में लोक अदालत की प्रासंगिता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. न्यायालय द्वारा निष्पादित किये गये मामलों में हुई जीत-हार के कारण एक खटास देखने को मिलता है, लेकिन लोक अदालत से निष्पादित हुए मामलों में दोनों पक्षों के बीच मित्रता का एक सामंजस्य देखने को मिलता है.
न्यायमूर्ति ने समझाने के अंदाज में कहा कि परिवार में दो छोटे बच्चे पेन या पेंसिल के लिए आपस में झगड़ जाते हैं, जिनको माता-पिता द्वारा समझा बुझा कर हल किया जाता है. बच्चों की आपसी लड़ाई में मुकदमेबाजी के सारे तत्व मौजूद रहते हैं. ठीक उसी तरह अब आवश्यकता है कि लोगों के बीच के झगड़े को समझा बुझा कर शांत किया जाये. इससे समय की बचत, अनावश्यक खर्च से निजात एवं सामाजिक कटुता में कमी आयेगी.
जिला जज ने किया स्वागत : इसके पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने शाल एवं मोमेंटो से न्यायमूर्ति वी नाथ का स्वागत किया. अपने संबोधन में श्री मलिक ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी पंच परमेश्वर की चर्चा करते हुए लोक अदालत के महत्व को बताया. वहीं, धन्यवाद ज्ञापन जिलाधिकारी रमण कुमार ने किया. इस अवसर पर न्यायाधीश उदय कुमार उपाध्याय, न्यायाधीश लोक अदालत, एडीजे-प्रथम, चतुर्थ, पंचम, पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा,
संघ के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा, महासचिव गणेश ठाकुर, लोक अदालत के सदस्य जितेंद्र कुमार सिन्हा नीरज, रंजना आनंद, अधिवक्ता शैलेश कुमार दुबे, प्रमोद कुमार मिश्रा, साधना पांडेय, संजय मिश्रा, राजेंद्र कुमार दुबे के अलावा न्यायालय के सभी जज एवं सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित थे. मंच संचालन अधिवक्ता एवं पत्रकार रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया.
पीड़िता को दिया गया ढाई लाख का चेक : विधिक सेवा सदन के उद्घाटन के अवसर पर डुमरांव की रहनेवाली धनवती देवी को दो लाख 50 हजार रुपये का चेक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ने दिया. बताते चलें कि धनवती देवी को एक मामले में शारीरिक रूप से पीड़ित किया गया था.
उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने की आवश्यकता : पंडित : बक्सर, कोर्ट. राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर शनिवार को एक कार्यक्रम जिला उपभोक्ता फोरम में आयोजित किया गया. इस अवसर पर सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष उपभोक्ता फोरम नारायण पंडित ने अपने संबोधन में कहा कि आज के लोक लुभावने के दौर में उपभोक्ताओं की हितों के लिए उन्हें और संरक्षित करने की आवश्यकता हो गयी है. इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ताओं के अधिकारों को संरक्षण देने के लिए 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को बनाया गया तथा वर्ष 1987 से इसे बिहार में लागू किया गया. टेलीविजन एवं अन्य माध्यमों के द्वारा तरह-तरह के विज्ञापनों को दिखाकर उपभोक्ताओं को ठगने का प्रयास कई कंपनियों द्वारा किया जाता है. ऐसे में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति उन्हें और अधिक जागरूक बनाने की आवश्यकता है.
विधिक सेवा सदन का उद्घाटन करते उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति वी नाथ.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन