अब आधे शहर में छाया अंधेरा

Published at :04 Sep 2016 1:55 AM (IST)
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अब आधे शहर में छाया अंधेरा

एलइडी लाइट योजना. लाखों रुपये खर्च कर लगायी गयी थीं एलइडी लाइटें करीब एक वर्ष पूर्व शहर को दुधिया रोशनी से चकाचक करने के लिए करीब 28 लाख रुपया एलइडी लाइट लगाने पर पर खर्च किया गया. लेकिन एक वर्ष बाद आधे से ज्यादा जगहों पर अंधेरा छाया हुआ है. कुल 390 पोलों पर एलइडी […]

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एलइडी लाइट योजना. लाखों रुपये खर्च कर लगायी गयी थीं एलइडी लाइटें

करीब एक वर्ष पूर्व शहर को दुधिया रोशनी से चकाचक करने के लिए करीब 28 लाख रुपया एलइडी लाइट लगाने पर पर खर्च किया गया. लेकिन एक वर्ष बाद आधे से ज्यादा जगहों पर अंधेरा छाया हुआ है. कुल 390 पोलों पर एलइडी लाइट लगी थी, पर उसमें से पचास से अधिक जगहों पर अब खराब हो चुकी है. वहीं दर्जनों एलइडी लाइट को चोरों ने चुरा लिया जिससे शहर फिर से अंधेरे में है.
बक्सर : शहर में 34 वार्ड हैं. एक वर्ष पूर्व इनमें एलइडी लाइट लगाया गया. आज दर्जनों जगहों पर लाइट खराब पड़ी है. इतना ही नहीं कई जगहों पर एलइडी लाइट की चोरी भी हो गयी. ऐसे में शहर को चकाचौंध करने वाली नगर परिषद की एलइडी लाइट योजना पूरी तरह से विफल साबित हो गयी है. प्रभात खबर अखबार ने जो पड़ताल की, उसमें यह भी पाया कि अधिकांश वार्ड में तो एलइडी लाइट लगी ही नहीं.
वार्ड पार्षदों से पूछने पर सत्ता और विपक्ष का हवाला दिया गया. यानी जो सत्ता में रहा वहां एलइडी लाइट लगी और विपक्ष में रहने वाले वार्डों में अंधेरा ही रह गया. यदि यह सही भी है तो विपक्ष के पार्षदों ने आखिर हो-हंगामा क्यों नहीं किया. लोग कहते हैं कि नगर परिषद को टैक्स तो सभी वार्ड के लोग देते हैं, फिर आम जन के साथ ऐसा भेदभाव क्यों? वार्ड में कुल 390 पोलों पर एलइडी लाइट लगाने के लिए कुल 28 करोड़ 50 हजार पांच सौ दस रुपया खर्च किया गया. एक एलइडी लाइट 73 सौ नौ रुपये की है.
यहां खराब हैं लाइटें
सिविल लाइन
हनुमान फाटक
सोहनी पट्टी
चरित्रवन
नया बाजार
बंगाली टोला
ठठेरी बाजार
मेन रोड
यमुना चौक
वन सति मुहल्ला
खराब पड़ी एलइडी लाइट.
एक साल में ही नगर पर्षद की विफल हो गयी एलइडी लाइट योजना
नहीं मिलती अर्थिंग
नगर परिषद की माने तो अधिकांश एलइडी लाइट अर्थिंग के कारण बंद हैं. बिजली विभाग का किसी भी पोल पर अर्थिंग की व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण लाइट को अर्थिंग नहीं मिल पाती है. ऐसे में लाइट बंद है. वहीं, कई बार बिजली विभाग के कर्मचारी भी पोल से एलइडी लाइट के कनेक्शन को काट देते हैं.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
कुछ जगहों पर खराब हो सकता है परंतु, अधिकांश जगहों पर लाइट को पोल से अर्थिंग नहीं मिल पा ही है. बिजली विभाग ने किसी भी पोल पर अर्थिंग की व्यवस्था नहीं की है, जिसके कारण लाइट बंद हो जाती है.
अनिल कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
दर्जनों लाइट की हो चुकी चोरी
शहर में लगी करीब दस से अधिक एलइडी लाइट की चोरी हो चुकी है. इस संबंध में कहीं कोई शिकायत भी दर्ज नहीं हो पाया है. सबसे बड़ी बात है कि डीएम और एसडीओ के आवास के समीप वाले क्षेत्र से भी एलइडी लाइट की चोरी हो चुकी है. खलासी मुहल्ले से भी एक एलइडी लाइट की चोरी हो चुकी है. इसके अलावे अन्य जगहों से भी एलइडी लाइट की चोरी हो चुकी है, जिसके संबंध में कोई प्राथमिकी भी दर्ज नहीं करायी गयी थी.
गारंटी दो साल की, एक साल में हुआ बंद
बक्सर के स्टेशन रोड स्थित न्यू बिजली घर को एलइडी लाइट लगाने का ठीका दिया गया है. जिसकी देख-रेख दो साल तक करना है. परंतु, अब तक दर्जनों एलइडी लाइट खराब पड़ी है, जिसको अब तक ठीक नहीं किया गया. ऐसे में इसे विभागीय लापरवाही कहा जाये या फिर बिजली कंपनी की उदासीनता. बहरहाल जो भी शहर को चकाचौंध करने वाली नगर परिषद की यह योजना विफल है.
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