हड़ताल से जिले में 50 करोड़ का कारोबार ठप

Published at :03 Sep 2016 6:40 AM (IST)
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हड़ताल से जिले में 50 करोड़ का कारोबार ठप

बक्सर : जिले में ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक, बीएसएनएल, डाक, बीमा समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहें. अग्रणी बैंक के एलडीएम जे चक्रवर्ती ने बताया कि एक दिवसीय बंद के कारण जिले में लगभग 50 करोड़ से भी अधिक का कारोबार ठप हुआ है. बंद को लेकर […]

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बक्सर : जिले में ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक, बीएसएनएल, डाक, बीमा समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहें. अग्रणी बैंक के एलडीएम जे चक्रवर्ती ने बताया कि एक दिवसीय बंद के कारण जिले में लगभग 50 करोड़ से भी अधिक का कारोबार ठप हुआ है. बंद को लेकर बक्सर समेत डुमरांव अनुमंडल में कई स्थानों पर सड़क भी जाम भी की गयी. वहीं, ट्रेड यूनियन के आह्वान जिले के एसबीआइ, केनरा, आइडीबीआइ, एचडीएफसी, केनरा समेत सभी छोटे-बड़े बैंक शाखा में ताला लटका रहा. सभी सरकारी एवं गैर सरकारी बैंक पूर्णत: बंद रहे. बैंकों कर्मियों की हड़ताल की मुख्य मांगे सरकारी बैंकों के विलय और गैर सरकारी बैंकों के विस्तार, कॉरपोरेट घरानों को बैंक लाइसेंस जारी करने बैंक में एफडीआइ की सीमा बढ़ाने, सरकारी बैंकों के बकायेदारों को कर्ज में रियात देने और निजी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की नियुक्ति पर सवाल उठाया गया है. बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण बंद के कारण एटीम भी बंद रहे. इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई.
बैंक बंद कराने के लिए सुबह से डटे रहे समर्थक : बिहार प्रोविंशियल बैंक एम्प्लॉइस एसोसिएशन के आह्वान पर बंद कराने के लिए सुबह आठ बजे से ही प्रमुख प्राइवेट बैंकों के मुख्य द्वार पर डटे रहे. एसोसिएशन के हरश कुमार ने कहा कि बंद को लेकर जिले के सभी बैंक कर्मचारी समर्थन में हैं. इस बंदी का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार को यह बताना है कि बैंक के कर्मचारी उनके हिटलर नीति के आगे नहीं झुकेंगे. सरकारी बैंकों का विलय करके प्रधानमंत्री कर्मचारियों के पेट पर लात मारना चाहते हैं. बंद समर्थकों ने धरना भी दिया. बैंकों को बंद कराने में काम्ता राय, विजय कुमार उपाध्याय, राजेंद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार, रमाशंकर राय, अजय कुमार रावत, आफताब अंसारी समेत कई बैंकों के कर्मचारी शामिल थे.
डाक विभाग में लटका रहा ताला :
कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बंद की आहूत घोषणा को लेकर शहर का एक मात्र प्रधान डाकघर में ताला लटका रहा. संयुक्त डाक कर्मचारी संघ के सदस्यों ने बताया कि सातवां वेतनमान कर्मचारियों के साथ छलावा है. यह डाक कर्मियों के खिलाफ केंद्र सरकार की सोची समझी चाल है. प्रधान डाकघर के मुख्य डाकपाल महावीर उपाध्याय ने बताया कि बंद को लेकर लगभग जिले के डाक विभाग में लगभग 10 लाख का ट्रांजेक्श बाधित रहा. शनिवार को पुन: डाकघर खुलेगा.
सदर अस्पताल में नहीं हुआ दवाओं का वितरण : बक्सर जिले के स्वास्थ्य विभाग भी ट्रेड यूनियन की हड़ताल से पूरी तरह बाधित रहा़ ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंच काम बंद कराया़ सदर अस्पताल के ओपीडी में पहुंच दवा वितरण केंद्र को बंद करा दिया़ दवा वितरण केंद्र के बंद होने से दिन भर मरीजों के बीच अफरा तफरी का माहौल कायम रहा.
इलाज कराने के बाद दवा के लिए मरीज भटकने लगे़ सदर अस्पताल में सुबह से ओपीडी अपने नियत समय से खुला. किंतु ट्रेड यूनियन के लोगों ने 11 बजे दिन के बाद आकर ओपीडी दवा वितरण काउंटर एवं सिविल सर्जन कार्यालय को बंद करा दिया. इसके बाद समर्थकों ने सिविल सर्जन कार्यालय के गेट पर धरना दिया़
भाकपा माले ने रोका ट्रेन, जगह-जगह सड़क जाम : ट्रेड यूनियन की मांगों के समर्थन में भाकपा (माले) ने दिल्ली से डिब्रुगड़ जानेवाली ब्रह्मपुत्र मेल को प्लेटफॉर्म डाउन लाइन पर रोका. भाकपा समर्थकों ने बंद के समर्थन में सुबह किला मैदान से आक्रोश मार्च निकाला और धरना-प्रदर्शन किया. आक्रोश मार्च किला मैदान, पुलिस चौकी, पीपी रोड, ठठेरी बाजार, ज्योति प्रकाश चौक होते हुए स्टेशन पहुंचा. मार्च के दौरान बंद समर्थकों ने दुकानों को भी बंद कराया. आक्रोश मार्च किला मैदान, पुलिस चौकी, ज्योति प्रकाश चौक और स्टेशन रोड के पास सड़क जाम भी की. इससे सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
भाकपा का आक्रोश मार्च रेल रोको कार्यक्रम के तहत स्टेशन पहुंचा, जहां बंद समर्थकों ने डाउन ब्रह्मपुत्र मेल को 10 मिनट तक राेके रखा. इससे डाउन लाइन पर परिचालन ठप रहा. स्टेशन प्रबंधक, जीआरपी व आरपीएफ थानाध्यक्ष की पहल पर ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया. आक्रोश मार्च में भाकपा (माले) के निर्माण कामगार यूनियन की सैकड़ों महिलाएं व पुरुष शामिल थे.
हड़ताल के कारण कई स्कूलों में रही छुट्टी : ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के कारण शहर के कई निजी स्कूल बंद रहे. शहर के डीएवी, फाउंडेशन समेत सभी बड़े निजी स्कूलों ने शुक्रवार को स्कूल बंद रखा. स्कूल की छुट्टी की घोषणा गुरुवार को ही की दी गयी थी, ताकि हड़ताल के दौरान सड़क जाम होने से बच्चों को परेशानी न उठानी पड़े.
इन प्रमुख मांगों को लेकर ट्रेड यूनियन ने की हड़ताल
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व सेवा संघों की 12 सूत्री मांगों में सामाजिक सुरक्षा स्कीम लागू करना, खेत मजदूर सहित असंगठित मजदूरों के पक्ष में सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करना, बेरोजगारी पर रोक लगाना, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करना, महंगाई पर रोक लगाना, रक्षा, रेल, बीमा व पेंशन में विदेशी पूंजी निवेश बंद करना, स्कीम वर्करों का भयंकर शोषण बंद करना आदि शामिल है. अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ की पांच सूत्री मांगों में सबों को पुरानी पेंशन लागू करना, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित सभी क्षेत्र का निजीकरण एवं आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना नयी पेंशन नीति समाप्त करना, ठेका अनुबंध पर नियुक्त सभी कर्मचारियों को नियमित करना आदि शामिल है.
डुमरांव़ : सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने सितंबर 2009 से सरकार की जन विरोधी एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ और जनपक्षी वैकल्पिक नीति लागू कराने के लिए संयुक्त रूप से संघर्षरत एवं राष्ट्रव्यापी आम हड़तालों का सफल आयोजन को लेकर शुक्रवार को बैंक, डाक, बीएसएनएल, एलआइसी कार्यालय में पूरी तरह कार्य ठप रखा.
सभी विभाग के कार्यालयों में ताला लटके हुए मिले़ दूर-दराज से पहुंचनेवाले उपभोक्ताओं को बैंक, डाक, एलआइसी से लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा़ सभी क्षेत्र जहां ट्रेड यूनियन कार्यरत हैं वहां के हड़ताल रहा. डाक विभाग में भी नेशनल फेडरेशन आफ पोस्टल इम्पालाइज एवं फेडरेशन आॅफ नेशनल पोस्टल आॅर्गनाइजेशन ने अपनी मांगों के साथ हड़ताल पर रहे. डाक विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि विभाग के सचिव को इसकी नोटिस पहले दी जा चुकी है़
डाक विभाग के महेश शर्मा, रवींद्र कुमार, अश्विनी कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, बलिराम सिंह, आदि शामिल रहे. यूनियन के नेताओं ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग गंठबंधन की सरकार मीडिया के जरिये जो घोषणाएं करती हैं, वे भी चुनावी घोषणाओं की तरह ही जुमलेबाजी ही साबित हो रहा है़ वे कहते हैं गरीबों के लिए और करते हैं काॅरपोरेट और विदेशी पूंजीपतियों के लिए. उन्होंने कहा मोदी सरकार ने शुरू में ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 100 प्रतिशत करने, रक्षा, रेल, बैंक, बीमा और पेंशन में भी 100 प्रतिशत एफडीआइ की घोषणा कर विदेशी ताकतों के साथ गुप्त रूप से समझौता कर आम आवाम की जीविका और जीवन को संकट में डालने का काम किया है़
हड़ताल के समर्थन में उतरा माले, नगर सहित प्रखंड मुख्यालय पर किया प्रदर्शन : डुमरांव़ देश के लगभग सभी श्रमिक संगठनों व ट्रेड यूनियनों के द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में भाकपा माले व खेमस द्वारा डुमरांव शहर में जुलूस निकाला गया़ डुमरांव शहर के गरीबों का होल्डिंग टैक्स माफ करने तथा आनावाद बिहार सरकार के नाम पर शहरी आवास योजना से गरीबों को वंचित करने की साजिश को बंद करने की मांग की गयी तथा खेमस के द्वारा सभी ग्रामीण मजदूरों के न्यूनतम मजदूरी 500 रुपये देने की गारंटी, गरीबों को सुरक्षा कानून से वंचित करने की साजिश बंद करने व सभी गरीबों को बसने के लिए तीन डिसमिल जमीन एवं जोतने के लिए एक-एक एकड़ जमीन की गारंटी करने की मांग की.
इसके अलावा श्रम कानूनों के उल्लंघन के रोकने, महंगाई पर रोक लगाने, ठेका प्रथा बंद करने समान काम के लिए समान वेतन दिये जाने, निजीकरण पर रोक लगने सहित 14 सूत्री मांगों के समर्थन में भाकपा (माले) व खेमस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे शहर में जुलूस निकाला गया. प्रदर्शन व जुलूस में मुख्य रूप से प्रखंड सचिव शुकर राम, कन्हैया पासवान, वीर उपाध्याय, धमेन्द्र सिंह, भगवान दास, कृष्णा राम, वार्ड पार्षद बुधिया देवी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.
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