विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहे बेरोजगार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :31 Aug 2016 4:17 AM (IST)
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अनुमंडल के सुदूर गांवों से बेरोजगार युवक-युवतियों को नियोजनालय में पंजीकरण के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है़ इसके लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्हें मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है. डुमरांव : अनुमंडल के सात प्रखंडों के दूर दराज के गांवों में रहने वाले बेरोजगार छात्रों को नियोजनालय में […]
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अनुमंडल के सुदूर गांवों से बेरोजगार युवक-युवतियों को नियोजनालय में पंजीकरण के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है़ इसके लिए आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उन्हें मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है.
डुमरांव : अनुमंडल के सात प्रखंडों के दूर दराज के गांवों में रहने वाले बेरोजगार छात्रों को नियोजनालय में पंजीकरण कराने के लिए काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती है. सूबे की सरकार ने बेरोजगारों के हित व आर्थिक नुकसान न हो इसके लिए गांवों में टीम भेजने का फैसला लिया था. लेकिन इस सरकारी प्रयास पर अधिकारियों ने पानी फेर दिया. जबकि सरकार की इस घोषणा से बेरोजगारों में खुशी की लहर दौड़ गयी थी़ लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज बेरोजगारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. लंबी दूरी तय कर साइबर कैफे में पंजीकरण कराने को मजबूर हैं.
जहां बेरोजगारों से संचालक अधिक राशि की वसूली कर रहे हैं.
रोजगार के होंगे अवसर आसान :नियोजनालय में बेरोजगारों की पंजीकरण होते ही विभाग के पास आंकड़ा उपलब्ध हो जाता है़ इस प्रक्रिया के बाद बेरोजगारों के रोजगार के अवसर मिलते है़ं राज्य सरकार अपने पैनल के अनुसार नियोजन इकाइयों से सूची मांगती है़ और इसके साथ ही विभागीय बहाली में पंजीकरण को अनिवार्य घोषित करती है़ सरकार इस बार बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता के लिए भी पंजीकरण को ही बढ़ावा दिया है़
टीम की है कार्य योजना :राज्य सरकार के श्रम संसाधन विभाग का प्रयास है कि नियोजनालय के माध्यम से बेरोजगार युवक-युवतियों को पंजीकरण के साथ रोजगार के लिए जागरूक बनाया जाये. इसके लिए जिला नियोजनालय द्वारा टीम गठित कर गांव-गांव पहुंच कर बेरोजगारों का पंजीकरण करना है़ 24 घंटे पूर्व गांव के मुखिया व अन्य जनप्रतिनिधियों को सूचना देने का प्रावधान बना है़ वहां के बेरोजगारों का पंजीकरण गठित टीम द्वारा कैंप लगाकर आनलाइन करनी है़ जिसमें वर्ग आठवां, मैट्रिक व डिग्रीधारक छात्र-छात्रा शामिल किये गये हैं. टीम के समक्ष बेरोजगारों को अपना प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य रखा गया है.
क्या कहते हैं बेरोजगार
साइबर कैफे में पंजीकरण कराने के लिए 150 रुपये की राशि देनी पड़ी. सरकार द्वारा सुविधा मिलती तो बेरोजगारों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलती.
मकरध्वज कुमार
आॅनलाइन पंजीकरण के लिए कैफे संचालक अधिक राशि की मांग करते है़ं प्रशासन का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है़ वैसी स्थिति में बेरोजगार ठगे जा रहे हैं.
पूजा कुमारी
नियोजनालय में पंजीकरण के लिए दो बार बक्सर दौड़ लगाना पड़ा. यह सुविधा गांव में मिलती तो पैसों के बचत के साथ परेशानी से भी बचाव होता.
अमित कुमार
सरकारी पहल पर विभाग उदासीन है. बेरोजगारी में बक्सर आनेजाने के खर्च के साथ-साथ आॅनलाइन पंजीकरण कराने का खर्च भी उठाना पड़ रहा है. इसके कारण कई तरह की परेशानी उठानी पड़ती है. – सलोनी कुमारी
अनुमंडल का आंकड़ा
स्कूल संख्या विद्यार्थी
मध्य विद्यालय 78 22 हजार
हाईस्कूल 50 35 हजार
कॉलेज 12 18 हजार
नोट : छात्रों का आंकड़ा अनुमानित है़
क्या कहता है विभाग
सरकार की ओर निबंधन के लिये कोई शुल्क नहीं है. निबंधन नि:शुल्क किया जाता है. अगर कहीं निबंधन के लिये राशि वसूली जा रही है, तो वह नियोजनालय में जाकर शिकायत पत्र दे सकते हैं. – अमृता कुमारी, पूर्व जिला नियोजन पदाधिकारी, बक्सर
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