नहीं मिलता राशन-केरोसिन का लाभ

बक्सर स्टेशन से सटे मुसाफिरगंज मुहल्ले में सड़कों और नालियों की स्थिति ठीक है, पर इन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से हल्की बारिश में भी मुहल्ला में जलजमाव हो जाता है, जिससे लोगों को बारिश के मौसम में परेशानी होती है. ऐसे में लोगों को वार्ड पार्षद से शिकायत रहती है. प्रभात खबर […]
बक्सर स्टेशन से सटे मुसाफिरगंज मुहल्ले में सड़कों और नालियों की स्थिति ठीक है, पर इन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से हल्की बारिश में भी मुहल्ला में जलजमाव हो जाता है, जिससे लोगों को बारिश के मौसम में परेशानी होती है. ऐसे में लोगों को वार्ड पार्षद से शिकायत रहती है. प्रभात खबर की टीम जब वार्ड नंबर दस में पहुंची, तो वार्ड पार्षद के प्रति यह शिकायत गुस्से के रूप में फूट पड़ा और लोगों ने अपनी राय बेबाक तरीके से रखी.
बक्सर : शहर का मुसाफिर गंज मुहल्ला स्टेशन से नजदीक है. इस मुहल्ले में सभी वर्गों के लोग रहते हैं, फिर भी मुसलमानों की संख्या कुछ अधिक है. स्टेशन के नजदीक होने के कारण यहां मुसाफिरों का डेरा रहता था, जिसके कारण इसका नाम मुसाफिरगंज पड़ा. यहां की सड़कें, तो ठीक हैं. नालियों का निर्माण भी हुआ है, पर इनकी सफाई नियमित नहीं हो पाती, जिसके कारण हल्की बारिश में भी यहां जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. वार्ड स्कैन के तहत जब प्रभात खबर की टीम यहां पहुंची, तो महिलाओं, पुरुषों और युवकों ने इन समस्याओं पर अपनी राय बेबाकी से रखी. लोगों ने बताया कि वार्ड में एलइडी लाइट नहीं लगी है.
वहीं विद्युत पोलों की संख्या भी कम है. लाइट नहीं लगने से शाम होते ही वार्ड में अंधेरा पसर जाता है. ऐसे में महिलाएं रात्रि में आने-जाने में असुरक्षित महसूस करतीं हैं. जबकि वृद्धों को भी काफी परेशानी होती है. वार्ड में एक भी डस्टबीन नहीं रखा गया है. ऐसे में सड़क पर ही कूडा फेंका जाता है. लोग कहते हैं कि उन्हें इस बात से हैरानी है कि वार्ड पार्षद सत्ता पक्ष में शामिल हैं और यहां कई तरह की असुविधा है. टीम से एक महिला शमसू निशा ने बतायी कि वह काफी गरीब है. इसकी पुष्टि कराने के लिए संवाददाता को अपना घर भी दिखाया. घर मिट्टी और खपरैल का बना था.
महिला का कहना था कि कई सालों से उसने इंदिरा आवास का लाभ लेने के लिए आवेदन दिया है, पर अब तक कुछ नहीं हो पाया है. वार्ड पार्षद भी ध्यान नहीं देते हैं. इतना ही नहीं महिला को राशन-केरोसिन कार्ड भी नहीं है. कहती है कि घर के दरवाजे पर ही साप्ताहिक केरोसिन बांटा जाता है, पर उसे एक भी लीटर नहीं मिलता है. ऐसे में उसे काफी परेशानी होती है. वार्ड में राशन कार्ड का मुद्दा काफी गंभीर है. इतना ही नहीं वार्ड पार्षद से समय पर मुलाकत भी नहीं हो पाती है.
वार्ड नंबर दस की सड़क पर जमा बारिश का पानी.
एक लीटर भी नहीं मिलता केरोसिन, पार्षद मिलते नहीं
वार्ड में एक भी एलइडी लाइट नहीं लगायी गयी है. ऐसे में वार्ड में अंधेरा पसरा रहता है. सभी जगहाें पर एलइडी लाइट लगनी चाहिए,
प्रीतम कुमार
कई लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है, जिसके कारण गरीबों को सस्ते दर पर सरकार द्वारा दिये जानेवाला अनाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. वार्ड पार्षद को कार्ड बनवाने की दिशा में पहल करनी चाहिए.
मो. कलीम
घरों में शौचालय निर्माण के लिए कई बार आवेदन किया गया, पर अब तक नहीं बन पाया. यह दुखद है. नगर पर्षद केवल सर्वे करता है. कार्य नहीं. इस पर वार्ड पार्षद को ध्यान देने की जरूरत है.
असल अली
वार्ड में कई काम हुए हैं. सड़कों का पक्कीकरण हुआ है. वार्ड साफ-सुथरा रहता है. इससे ज्यादा काम क्या हो सकता है.
चंदा देवी
इंदिरा आवास के लिए कई बार आवेदन दिया गया है, पर अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया. इसकी शिकायत वार्ड पार्षद से भी की गयी, पर पार्षद कोई पहल नहीं किये.
शमसू निशां
राशन कार्ड बना है, फिर भी उज्ज्वल योजना के तहत मिलनेवाला गैस सिलिंडर नहीं मिल पाया. वार्ड पार्षद कभी समस्या को सुनने नहीं आते. मिलने जाने पर मिलते भी नहीं.
कोई काम बाकी नहीं है वार्ड में
वार्ड में सभी काम हुए हैं. सफाई की बेहतर व्यवस्था की गयी है. वार्ड की गलियों में डस्टबीन नहीं लगाया जा सकता. क्योंकि इसे उठाने के लिए ट्रक आता है और गलियों में ट्रक का प्रवेश नहीं हो सकता. वैसे मुख्य पथ पर डस्टबीन लगाया गया है. वहीं, जरूरत मंद को केरोसिन दिया जाता है. सभी लोगों से मिलते रहता हूं़ जिन्हें परेशानी है वे जब चाहें आकर मिल सकते हैं.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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