.. देखो ना मम्मी, पापा नहीं उठ रहे

बक्सर : पापा उठो ना पापा, क्यों नहीं उठ रहे हो. देखो ना मम्मी पापा को क्या हो गया है. कुछ बोल नहीं रहे हैं. शहीद अनिल सिंह की बेटी आकांक्षा अपने पापा को कुछ इसी तरह जगा रही थी. शायद उसे पता नहीं था कि उसके पापा हमेशा के लिए सो गये हैं. पांच […]
बक्सर : पापा उठो ना पापा, क्यों नहीं उठ रहे हो. देखो ना मम्मी पापा को क्या हो गया है. कुछ बोल नहीं रहे हैं. शहीद अनिल सिंह की बेटी आकांक्षा अपने पापा को कुछ इसी तरह जगा रही थी. शायद उसे पता नहीं था कि उसके पापा हमेशा के लिए सो गये हैं. पांच साल की आकांक्षा की हालत देख मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था. लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर उसे किस तरह संभाला जाये. बाद में किसी तरह गोद में उठा कर उसके बड़े पापा घर में ले गये. मंगलवार की रात जब शहीद का पार्थिव शरीर डुमरांव स्थित उनके घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया.
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