उपस्थिति कम हुई, तो कार्रवाई
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Jul 2016 6:43 AM (IST)
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बैठक . शिक्षकों पर िवभाग की नजर, डीएम ने िदये िनर्देश बक्सर : अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के लिए शिक्षक जिम्मेदार होंगे. अगर बच्चों की उपस्थिति कम हुई तो शिक्षकों के वेतन काट दिया जायेगा. इसका फरमान डीएम रमण कुमार ने गुरुवार को शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में जारी किया.उन्होंने स्पष्ट […]
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बैठक . शिक्षकों पर िवभाग की नजर, डीएम ने िदये िनर्देश
बक्सर : अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति के लिए शिक्षक जिम्मेदार होंगे. अगर बच्चों की उपस्थिति कम हुई तो शिक्षकों के वेतन काट दिया जायेगा. इसका फरमान डीएम रमण कुमार ने गुरुवार को शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में जारी किया.उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि कम से कम 75 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति होनी चाहिए. बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों की उपस्थिति भी अनिवार्य है.
कहा कि सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक शिक्षकों को स्कूल में रहना होगा. उन्होंने कहा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाये. कहा कि इसके लिए शिक्षकों को अपने विषय संबंधी अध्ययन की समय सीमा निर्धारित करनी होगी. ताकि समय-समय पर परीक्षा ली जा सके. इसके अलावा डीएम ने स्कूल की नियमित सफाई पर भी ध्यान दिया. कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति में बच्चों द्वारा सामूहिक रूप से सफाई करायी जाए. इससे पहले डीएम ने सर्व शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा, स्थापना, योजना व लेखा, लोक शिक्षा व साक्षरता की समीक्षा की. एमडीएम की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि भोजन सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए. इसके लिए डीएम ने सामग्रियों की उचित रखरखाव व क्वालिटी पर ध्यान देने का निर्देश दिया. कहा कि इस मामले में किसी तरह की कोताही नहीं चलेगी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ओंकार प्रसाद सिंह के अलावा सभी डीपीओ, सभी बीईओ व प्रखंड साधन सेवी उपस्थित थे.
नौ बजे से शाम चार बजे तक शिक्षकों को रहना होगा उपस्थित
तीन दिन तक स्कूल से गायब रहने वाले बच्चों का कटेगा नाम
बैठक में डीएम ने बच्चों की उपस्थिति पर काफी जोर दिया. कहा के लिए अभियान मुहिम चलाया जाए. इसके तहत तीन दिन गायब रहने पर छात्र के दोस्त, सात दिन तक गायब रहने पर उनके अभिभावक से सम्पर्क कर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए. नौ दिनों तक गायब रहने पर शिक्षा समिति द्वारा बच्चे से सम्पर्क कर स्कूल नहीं आने के कारणों की पड़ताल कर फिर से स्कूल आने के लिए प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी बच्चे में सुधार नहीं आया और तीस दिन तक गायब रहा, तो उसका नाम काट दिया जाए.
हर प्रखंड में बनेंगे बालिका छात्रावास व मॉडल स्कूल
डीएम ने कहा कि शिक्षा में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इसके तहत सभी प्रखंडों में एक बालिका छात्रावास व एक मॉडल स्कूल बनाये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक नावानगर में छात्रावास का निर्माण करा लिया गया है, जबकि राजपुर व इटाढ़ी में कार्य चल रहा है. सात प्रखंडों के लिए फिर से टेंडर निकाला जा रहा है. वहीं चौगाईं जमीन नहीं मिलने के कारण मामला लटका है. वहीं सात प्रखंडों में मॉडल स्कूल के निर्माण शुरू कर दिया गया है. चार प्रखंडों के लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
सफाई के साथ शौचालय पर दिया गया जोर : शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक में शौचालय निर्माण पर काफी जोर दिया गया. बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम रमण कुमार ने कहा सभी स्कूलों में शौचालय का निर्माण अनिवार्य है. कहा कि बच्चों को शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाये. साथ ही घरों में भी शौचालय बनाने के प्रति जागरूक करने का प्रयास करना होगा.
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