जमीन पर नहीं आयी ''अमृत''
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Jun 2016 2:35 AM (IST)
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बक्सर : ‘अमृत’ योजना लागू हुए एक साल हो गया. परंतु, जिले में यह अब तक लागू नहीं हो पाया. इसे विभागीय सुस्ती कहें या लापरवाही, इस एक वर्ष में केवल योजना का डीपीआर ही तैयार हो पाया. यदि यह योजना लागू हो जाती, तो शहर सुंदर का स्वरूप ही बदल जाता. विभागीय सूत्रों के […]
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बक्सर : ‘अमृत’ योजना लागू हुए एक साल हो गया. परंतु, जिले में यह अब तक लागू नहीं हो पाया. इसे विभागीय सुस्ती कहें या लापरवाही, इस एक वर्ष में केवल योजना का डीपीआर ही तैयार हो पाया. यदि यह योजना लागू हो जाती, तो शहर सुंदर का स्वरूप ही बदल जाता.
विभागीय सूत्रों के अनुसार, बक्सर नगर पर्षद से डीपीआर तैयार कर पटना नगर विकास एवं आवास विभाग में भेजा जा चुका है. लेकिन, अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से कार्य रूका हुआ है. विभाग का कहना है कि योजनाएं पास होते ही कार्य शुरू कर दिया जायेगा. यदि अब तक योजना पास हो गयी रहती, तो कार्य भी पूरा हो गया होता और शहर की सुंदरता में चार चांद लग जाता.
15 करोड़ की है योजना
इस योजना में जलमीनार, रैन बसेरा, पार्क निर्माण और सौंदर्यीकरण शामिल है. इस योजना के तहत कुल 15 करोड़ रुपये की राशि आयी हुई है. शहर में नया पार्क बनाने के लिए 50 लाख का डीपीआर बनाया गया है. वहीं, तीन जगहों पर जलमीनारें बनायी जायेगी, जिसमें किला मैदान, बाजार समिति और आइटीआइ मैदान का स्थल शामिल है.
पार्क की डीपीआर लौटी
इस योजना के तहत भगत सिंह पार्क के सौंदर्यीकरण का डीपीआर भी बनाया गया था. परंतु, नगर एवं आवास विभाग ने इसे लौटा दिया. डीपीआर 15 लाख रुपये का बनाया गया था. परंतु, उच्च विभाग का कहना है कि यह पार्क काफी छोटा है और इस योजना के तहत 50 लाख रुपये से कम की राशि का काम नहीं होगा, जिसके कारण लौटा दिया गया है.
यदि पार्क का सौंदर्यीकरण कराने में प्रशासनिक तंत्र विफल होता है, तो संगठन आम आदमी से सहायता राशि मांग कर पार्क का सौंदर्यीकरण करायेगा.
राजेश कुमार शर्मा, सदस्य, भगत सिंह पार्क निर्माण एवं प्रबंधन समिति
शहर में रैन बसेरा नहीं बनना चाहिए, क्योंकि पूर्व में नगर पर्षद द्वारा स्टेशन रोड में रैन बसेरा बनाया जा चुका है, जिस पर आज दुकानदारों का कब्जा है. पहले प्रशासन को इसे अवैध कब्जे से मुक्त कराना चाहिए.
नंद गोपाल प्रसाद, लोक अभियोजक
यदि शहर में अमृत योजना लागू हो जाती है, तो शहर काफी सुंदर दिखेगा. शहर में पार्क की व्यवस्था निश्चित तौर पर होनी चाहिए, जहां लोग सुबह और शाम टहल सकें. यदि इसे लागू करने में विलंब होता है, तो यह विभाग की लापरवाही होगी.
अजय कुमार चौधरी, शिक्षक
यदि अमृत योजना को लागू करने में विभाग विलंब करता है, तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जायेगा. वैसे रैन बसेरा तो पहले से ही बना हुआ है, इसे फिर से बनाने पर सरकारी पैसे की बरबादी होगी.
धीरेंद्र कुमार चौधरी, नेता, डीवाइएफआइ
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