आज से चढ़ेगा रोहिणी नक्षत्र, लोग डालेंगे बीज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 May 2016 12:18 AM (IST)
विज्ञापन

खुशी. मंगलवार को हुई बारिश से किसानों को हुआ फायदा इस वर्ष 90 हेक्टेयर में धान के आच्छादन का लक्ष्य श्री विधि से 2936 एकड़ में होगी धान की खेती दो घंटे की तेज वर्षा में 4.1 मिलीमीटर हुई बरसात बक्सर : मंगलवार की सुबह जिले में हुई बरसात से जहां खेतों में पानी आ […]
विज्ञापन
खुशी. मंगलवार को हुई बारिश से किसानों को हुआ फायदा
इस वर्ष 90 हेक्टेयर में धान के आच्छादन का लक्ष्य
श्री विधि से 2936 एकड़ में होगी धान की खेती
दो घंटे की तेज वर्षा में 4.1 मिलीमीटर हुई बरसात
बक्सर : मंगलवार की सुबह जिले में हुई बरसात से जहां खेतों में पानी आ गया है और खेत गीले हो गये हैं. वहीं, किसान भी अब बिचड़ा डालने के मूड में आ गये हैं. बुधवार से शुरू होनेवाले रोहिणी नक्षत्र के प्रवेश के साथ ही लोग धान का बिचड़ा डालने की शुरुआत करते हैं. ऐसे में यह पानी किसानों के लिए अमृत तुल्य हो गया है. क्योंकि किसानों को पटवन की कोई जरूरत नहीं होगी.
कृषि विभाग को पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी 90 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल का आच्छादन का लक्ष्य मिला है,
जिसके लिए कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. करीब दो घंटे की हुई आंधी-पानी के बीच 4.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. कृषि विभाग शीघ्र ही टॉस्क फोर्स की बैठक कर आच्छादन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करेगी. इस वर्ष श्री विधि से 2936 एकड़ में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है.
खेतों में आयी नमी
खेतों में फिलहाल गीलापन आने के बाद किसान जुताई में युद्ध स्तर पर जुट जायेंगे. हालांकि अब तक आच्छादन का कोई ब्योरा विभाग के पास नहीं है, मगर 90 हेक्टेयर में धान का आच्छादन वर्तमान मौसम में किया जायेगा. फसल के साथ-साथ पानी मिले, इसके लिए चौसा के कैनाल में मरम्मती का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था करके किसानों को पानी ससमय देने की कवायद कृषि विभाग कर रहा है.
क्या कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी राम गोविंद सिंह कहते हैं कि किसानों को पानी से फायदा हुआ है. अब खरपतवार की निकासी कर किसान बीज डाल सकते हैं और उन्होंने कहा कि वर्षा की स्थिति इस वर्ष बेहतर संभावित लगती है, जिससे आच्छादन और उत्पादन दोनों बेहतर ढंग से हो सकेगा. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से आच्छादन लक्ष्य का पूरा ब्योरा आना अभी बाकी है.
क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
इस संबंध में हरि गोविंद जायसवाल कहते हैं कि रोहिणी नक्षत्र में ही धान के बिचड़े डाले जाते हैं और इसके लिए पानी अमृत बनकर किसानों को मिला है. उन्होंने कहा कि पानी से किसानों को अलग से पटवन की जरूरत नहीं होगी और किसान खेतों की जुताई आसानी से कर पायेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




