मिलावटी पेट्रोल का कारोबार अनुमंडल में धड़ल्ले से

Published at :13 May 2016 4:11 AM (IST)
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मिलावटी पेट्रोल का कारोबार अनुमंडल में धड़ल्ले से

गांव की पगडंडी से लेकर शहर की सड़कों तक अवैध रूप से फुटपाथों पर बोतलों में सजी पेट्रोल की दुकानें देखने का मिल जाती हैं़ कारोबारी इसे बेरोकटोक बिक्री करते है़ं जरूरतमंद भी यहां आसानी से ऊंचे दाम पर पेट्रोल खरीद कर अपनी राह आसान करते हैंै़ एक अनुमान के मुताबिक अनुमंडल के सात प्रखंडों […]

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गांव की पगडंडी से लेकर शहर की सड़कों तक अवैध रूप से फुटपाथों पर बोतलों में सजी पेट्रोल की दुकानें देखने का मिल जाती हैं़ कारोबारी इसे बेरोकटोक बिक्री करते है़ं जरूरतमंद भी यहां आसानी से ऊंचे दाम पर पेट्रोल खरीद कर अपनी राह आसान करते हैंै़ एक अनुमान के मुताबिक अनुमंडल के सात प्रखंडों में हर रोज फुटपाथों पर पांच हजार लीटर का अवैध कारोबार होता है़

डुमरांव : जांच-पड़ताल से परे व्यावसायिक दौर में फुटपाथों पर बैठ कर पेट्रोलियम पदार्थों का कारोबार आसान बनता जा रहा है़ इस कारोबार से जुड़े व्यवसायी हजारों लीटर पेट्रोलों की खपत कर मोटी कमाई करते है़ वहीं इन जगहों पर पहुंचे वाहन चालक भी इतिमिनान से अधिक पैसे देकर ईंधन की खरीद करते हैं और अपना राह पकड़ लेते हैं़ ऐसी स्थिति में इन कारोबारियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है़ अवैध रूप से फल-फूल रहे इस कारोबार पर न प्रशासन की डंडा चलता है और न ही विभाग की जांच़

ग्राहकों का होता है दोहन : इन कारोबारियों द्वारा ग्राहकों का आर्थिक दोहन जम कर किया जाता है़ एक लीटर पेट्रोल के बदले सौ एमएल कम ही पेट्रोल परोसा जाता है़ जबकि कीमत पेट्रोल पंपों से करीब 15 से 20 रुपया प्रति लीटर अधिक की वसूली होती है़ वाहन चालकों को भी रास्ते में तेल खत्म होने की स्थिति में इन कारोबारियों के चंगुल में फंसने की विवशता बनी रहती है़

केरोसिन की होती है मिलावट : कारोबारियों द्वारा आसानी से पेट्रोल व डीजल में केरोसिन की मिलावट की जाती है़ ऐसे व्यवसायी दोहरी लाभ कमाते है़ वही मिलावटी तेलों की खपत से वाहन के इंजनों में भी खराबी आती है़ वाहन मिस्त्री विनोद व सुधीर बताते है कि मिलावटी तेलों से वाहनों की गति सीमा व लाइफ बरबाद हो जाती है़ धीरे-धीरे इंजन व अन्य पार्ट-पुजार्े पर जोर पड़ता है और समय से पूर्व ही दमतोड़ देते हंै़

क्या कहते हैं कारोबारी

इस पेशे से जुडे़ ग्रामीण इलाके के कारोबारी अवधेश मंडल, गिरधारी सिंह यादव, महेंद्र ततवां, लल्लू राम आदि कहते है कि विकट परिस्थितियों में वाहन चालकों को ईधन उपलब्ध करा कर परोपकार का कार्य करते हंै़ अगर यह व्यवसाय बंद हो जाय, तो हर रोज सैकड़ों दोपहिया व चार पहिया वाहनों पर ब्रेक लग जायेगा़ और समय से अपना गतंव्य स्थान पर नहीं पहुंच पायेंगे.

क्या कहते हैं चालक

वाहन चालक अरविंद चौरसिया, राजू कुमार, सुमन सिंह, सरोज जायसवाल आदि कहते है कि इलाके में पेट्रोल पंपों की कमी है़ अगर रास्ते में पेट्रोल खत्म हो जाय तो मुश्किल खड़ी हो जाती है़ लंबी दूरी तक वाहनों को घसीट कर ले जाना संभव नहीं है़ ऐसी स्थिति में अवैध कारोबारी ही सहायक बनते है़ं

क्या कहते है अधिकारी

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी केपी सिंह ने कहा कि मिलावटी व धोखाधड़ी तरीके से पेट्रोल बिक्री को लेकर किसी ने शिकायत दर्ज नहीं करायी है़ अगर ऐसा होता है तो इस पर कार्रवाई होगी.

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