प्रयोगशाला के लिए टेक्निशियन नहीं, कैसे छात्र करेंगे प्रैक्टिकल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Nov 2019 7:07 AM (IST)
विज्ञापन

डुमरांव : डीके कॉलेज में प्रयोगशाला संचालित करने को लेकर कर्मियों का अभाव है. इसके चलते प्रयोगशाला कॉलेज की शोभा बढ़ा रहा है. दो-तीन पहले अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जूलोजी और बाटनी के लिए हुई है. हालांकि एक दशक से प्रयोगशाला के लिए न तो प्रयोग प्रदर्शक, न प्रयोगशाला टेक्निशियन, न ही प्रयोगशाला वाहक है. […]
विज्ञापन
डुमरांव : डीके कॉलेज में प्रयोगशाला संचालित करने को लेकर कर्मियों का अभाव है. इसके चलते प्रयोगशाला कॉलेज की शोभा बढ़ा रहा है. दो-तीन पहले अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति जूलोजी और बाटनी के लिए हुई है. हालांकि एक दशक से प्रयोगशाला के लिए न तो प्रयोग प्रदर्शक, न प्रयोगशाला टेक्निशियन, न ही प्रयोगशाला वाहक है.
इसके चलते प्रयोगशाला का उपयोग नहीं होने से यह केवल मात्र कॉलेज का शोभा बढ़ाने का कार्य कर रहा है. बता दें कि कॉलेज में कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं. समय-समय पर यूजीसी के द्वारा समुचित उपकरण व संसाधन मुहैया कराया जाता है, लेकिन कर्मियों के अभाव में प्रयोगशाला का उपयोग नहीं हो पाता है. कॉलेज प्रबंधन की मानें तो प्रयोगशाला के लिए कर्मियों कोई प्रावधान ही नहीं किया गया है.
कॉलेज में कर्मियों के अभाव में पठन-पाठन सहित कार्यालय कार्य प्रभावित होता है. अगर टीचर भी है, तो अगर प्रयोगशाला में चले जायें, तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा. ऐसे प्रयोगशाला अंतर्गत आने वाले विषयों में फिजिक्स, कैमेस्ट्री, भूगोल, साइकलोजी, बाटनी, जूलोजी शामिल है. ऐसे छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षकों की संख्या नहीं के बराबर है.
फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए शिक्षक नहीं
दो-तीन दिन पहले अतिथि शिक्षकों में जूलोजी व बॉटनी के नियुक्त हुए हैं. लेकिन इससे पहले दशक से प्रयोगशाला कर्मियों के नहीं रहने से कॉलेज का शोभा बढ़ा रहा था. ऐसे अभी भी फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए शिक्षक नहीं है. प्रयोगशाला के लिए टेक्निशियन नहीं है. बता दें कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत डुमरांव में एकलौता कॉलेज है.
जहां अनुमंडल के विभिन्न प्रखंड के छात्र-छात्राएं पठन-पाठन करते हैं. इस संबंध में प्रभारी प्राचार्य नवीन कुमार कहते हैं कि कॉलेज में छात्र-छात्राओं के अनुपात में शिक्षक कम हैं. प्रयोगशाला के लिए कर्मी नहीं थे. जूलोजी व बाटनी में अतिथि शिक्षक नियुक्त हुए हैं. ऐसे फिजिक्स व केमेस्ट्री में जगह खाली है. दस वर्षों से प्रयोगशाला में कर्मी का अभाव था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




