Bulldozer Action: पटना-गया रेलखंड पर चला बुलडोजर, 50 से अधिक अवैध दुकानें ध्वस्त, नदवां स्टेशन के पास मचा हड़कंप

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर
Bulldozer Action: रेलवे जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब सख्त संदेश है. पटना-गया रेलखंड पर नदवां स्टेशन के पास आरपीएफ ने ऐसा बुलडोजर एक्शन चलाया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और 50 से अधिक अवैध दुकानें कुछ ही घंटों में मिट्टी में मिल गईं.
Bulldozer Action: रेलवे भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आरपीएफ ने विशेष अभियान चलाते हुए नदवां स्टेशन के समीप बड़ी कार्रवाई की. वर्षों से रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया.
इस दौरान दुकानदारों में हड़कंप मच गया और इलाके में कुछ समय के लिए तनाव जैसी स्थिति बन गई. सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया था.
रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे पर प्रहार
आरपीएफ की यह कार्रवाई लंबे समय से की जा रही शिकायतों के बाद हुई है. नदवां स्टेशन के आसपास रेलवे भूमि पर दुकानें, ठेले और अस्थायी निर्माण कर लिए गए थे, जिससे स्टेशन परिसर सिकुड़ता जा रहा था. यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती थी और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी.
बुलडोजर चलने के साथ ही अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए और रेलवे भूमि को खाली कराया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया. कई लोग अपना सामान हटाने की कोशिश करते नजर आए, जबकि कुछ ने कार्रवाई का विरोध भी किया.
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि
आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने साफ कहा कि रेलवे भूमि पर अतिक्रमण कानूनन अपराध है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनके अनुसार, अतिक्रमण के कारण न सिर्फ यात्रियों की आवाजाही बाधित हो रही थी, बल्कि रेल परिचालन और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ रहा था.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा. रेलवे की जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराना विभाग की प्राथमिकता है.
दोबारा कब्जा किया तो होगी कड़ी कार्रवाई
आरपीएफ ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी ने रेलवे भूमि पर दोबारा दुकान, ठेला या किसी भी तरह का अस्थायी निर्माण किया, तो उसका सामान जब्त किया जाएगा. साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
इस सख्ती का उद्देश्य सिर्फ अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि यह संदेश देना भी है कि रेलवे की संपत्ति पर अवैध कब्जा अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.
आधा-अधूरा अभियान बताकर उठाए सवाल
स्थानीय मुखिया शंकर कुमार सिंह ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे अधूरा बताया. उनका कहना है कि नदवां स्टेशन और रेलवे लाइन के आसपास अब भी कई जगहों पर अवैध दुकानें मौजूद हैं. इससे बाजार की व्यवस्था और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने मांग की कि रेलवे और प्रशासन को पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाना चाहिए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने.
अतिक्रमण हटाओ अभियान से बदलेगा स्टेशन का स्वरूप
आरपीएफ की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि स्टेशन परिसर ज्यादा सुरक्षित, खुला और व्यवस्थित होगा. यात्रियों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी और रेलवे की जमीन का सही उपयोग संभव हो सकेगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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