BRABU: पीजी एडमिशन में बढ़ी मुश्किलें, छात्रों में भ्रम फीस देना है या नहीं, जाने सरकार का सही आदेश

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में चल रहे पीजी सत्र 2021-23 के नामांकन में एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग की छात्राओं से फीस वसूली को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. विवि पर ही कुछ विभागाध्यक्षों ने सरकार के आदेश के आलोक में बगैर फीस के नामांकन लेना शुरू कर दिया है, तो कई विभागों में फीस ली जा रही है.
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में चल रहे पीजी सत्र 2021-23 के नामांकन में एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग की छात्राओं से फीस वसूली को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हालात यह है कि विश्वविद्यालय मुख्यालय पर ही कुछ विभागाध्यक्षों ने सरकार के आदेश के आलोक में बगैर फीस के नामांकन लेना शुरू कर दिया है, तो कई विभागों में फीस ली जा रही है. वहीं, धीरे-धीरे कॉलेजों में भी विरोध शुरू हो गया है. एडमिशन कमेटी के निर्णय के आधार पर कुलसचिव की ओर से फीस जमा कराने के लिए निर्देश जारी किया गया था. दरअसल, सरकार की ओर से एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग की छात्राओं के लिए नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान है. इस पर विवि ने कहा गया है कि नामांकन के समय फीस ले ली जाये. जब सरकार से फीस की राशि मिलेगी, तब संबंधित छात्र-छात्राओं को चेक के माध्यम से राशि वापस लौटा दी जायेगी. इसको लेकर छात्र संगठनों ने काफी विरोध भी किया, जिससे नामांकन कई दिनों तक बाधित रहा.
विवि के कई विभागाध्यक्षों का कहना है कि एडमिशन कमेटी फीस संबंधी कोई निर्णय नहीं ले सकती. विभाग और कॉलेजों में नियमानुसार एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करायी जा सके, कमेटी को इस पर निर्णय लेना है. उनका कहना है कि फीस लेने और वापस करने की प्रक्रिया फाइनेंस कमेटी की बैठक में तय की जानी चाहिए. विश्वविद्यालय के बजट में भी इसका प्रावधान होना चाहिए, जो फाइनेंस कमेटी ही तय कर सकती है.
एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग के छात्राओं की फीस संबंधित विभाग या कॉलेज को सरकार देगी. इसके लिए नामांकन के बाद विश्वविद्यालय की ओर से सरकार को डिमांड भेजी जायेगी. कई कॉलेजों के प्राचार्याें का कहना है कि सरकार से राशि मिलने में विलंब होता है. ऐसे में कॉलेज का खर्च निकाल पाना मुश्किल होगा. नामांकन के समय फीस जमा करा लिया जा रहा है. जब सरकार से राशि मिलेगी, तो वापस कर दिया जायेगा.
विवि की ओर से पीजी सत्र 2021-23 के लिए पहली लिस्ट जारी की गयी है, जिस पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. तीन सितंबर तक नामांकन का समय दिया गया है. पहली लिस्ट में 5800 छात्र- छात्राओं को जगह दी गयी थी. कहा गया कि लिस्ट में नाम आने के बाद जो छात्र नामांकन नहीं लेंगे, उन्हें दूसरी लिस्ट में जगह नहीं दी जायेगी.
कुलसचिव प्रो आरके ठाकुर ने कहा कि पीजी में अलग-अलग फीस लिये जाने की शिकायत थी. सभी विभागाध्यक्ष व कॉलेजों को राजभवन से निर्धारित फीस लेने का निर्देश दिया गया है. नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एससी-एसटी छात्र व सभी वर्ग की छात्राओं की लिस्ट और उनसे ली गयी फीस की रिपोर्ट सरकार को भेज दी जायेगी. जो विभागाध्यक्ष छात्रों से फीस ले रहे हैं, वे सरकार से राशि मिलने के बाद उन्हें वापस कर देंगे. किन विभागों में फीस नहीं ली गयी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है.
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