शेखपुरा. नगर परिषद शेखपुरा कचरा प्रबंधन को अब आमदनी का ठोस जरिया बनाएगा. इसके लिए लगभग चार करोड़ की लागत से कचरा प्रबंधन की अत्यधिक व्यवस्था बहाल की जा रही है. नगर परिषद क्षेत्र के महादेव नगर स्थित डंपिंग यार्ड में सुखा एवं गीला कचरा प्रबंधन के लिए अलग-अलग यूनिट लगाया जा रहा है. नगर विकास विभाग के निर्देश पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी करते हुए काम भी शुरू कर दिया गया है. नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा. इस यूनिट से गीला कचरा के जरिए जैविक उर्वरक तैयार किया जाएगा. जबकि सूखे कचरे से प्लास्टिक, शीशा एवं मैटेलिक वस्तुओं की अलग-अलग पैकिंग कर जरूरतमंद कंपनी के हाथों बिक्री किया जाएगा. इसके लिए प्रत्येक गृह स्वामियों को अब गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देना होगा. अन्यथा सफाई कर्मी कचरा लेने से इनकार कर देंगे. गृह स्वामियों को अब घरों में ही कचरे का अलग-अलग भंडारण कर रखना होगा. ताकि प्रत्येक दिन सफाई कर्मी कचरा लेने दरवाजे तक पहुंचे तब उन्हें अलग-अलग कचरा मिल सके.
प्रति दिन 28 टन कचरा का शेखपुरा से होता है कलेक्शन
नगर परिषद के महादेव नगर स्थित डंपिंग यार्ड में शहर से कलेक्शन होने वाले कचरे का प्रबंधन और उससे एक मजबूत आमदनी की व्यवस्था खड़े करने की तैयारी की जा रही है. इसको लेकर 4 करोड़ की लागत से उपकरण एवं व्यवस्था बहाल की जा रही है. कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि 1.51 करोड़ की लागत से 10 टन प्रतिदिन कंपोस्ट तैयार करने वाला प्लांट बनाकर उसे 5 सालों तक चलने का टेंडर किया गया है. इसमें गीला कचरा के जरिए जैविक उर्वरक तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही सूखे कचरे का प्रबंध के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी की व्यवस्था बहाल की जा रही है. इस प्लांट के जरिए मेटल, कांच, प्लास्टिक का अलग-अलग छटनी कर उसकी कटिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और उसे विभिन्न कंपनियों में बेचा जाएगा. दोनों प्लांट से प्रतिदिन 10-10 टन कचरा का प्रबंध हो सकेगा.
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