जिले में धान की कटाई में मजदूरों की कमी

जिले के किसानों के लिए इस बार धान की कटाई एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है. बेमौसम बारिश के कारण हरनौत, करायपरसुराय, रहुई, अस्थावां और बिंद जैसे इलाकों में धान की पकी फसल खेतों में ही गिर गई है, जिससे मशीन से कटाई मुश्किल हो गई है.
बिहारशरीफ. जिले के किसानों के लिए इस बार धान की कटाई एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है. बेमौसम बारिश के कारण हरनौत, करायपरसुराय, रहुई, अस्थावां और बिंद जैसे इलाकों में धान की पकी फसल खेतों में ही गिर गई है, जिससे मशीन से कटाई मुश्किल हो गई है. ऐसे में खेतिहर मजदूरों की किल्लत ने किसानों की मुसीबतों पर और पानी फेर दिया है. किसानों की मानें तो अगर फसल की समय पर कटाई नहीं हुई, तो अनाज खेत में ही सड़ने लगेगा. साथ ही, खेतों में जमा नमी के चलते आगामी रबी सीजन की बुवाई भी प्रभावित होगी. कई इलाकों में खेतों में पानी भरने और कीचड़ के कारण कटाई का काम ठप पड़ा है. इस संकट से निपटने के लिए किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है. उनकी मांग है कि मनरेगा या अन्य योजनाओं के तहत तुरंत मजदूरों की व्यवस्था की जाए, ताकि कटाई का काम तेजी से पूरा हो सके. किसान आगाह करते हैं कि यदि खेती में इस तरह के संकट बने रहे और यह घाटे का सौदा बनी रही, तो नई पीढ़ी का खेती से मोहभंग होना तय है. इसके गंभीर दीर्घकालिक नतीजे होंगे और देश में अन्न की कमी की स्थिति भी पैदा हो सकती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




