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महाविहार में एंटी रैगिंग सप्ताह का हुआ समापन

Updated at : 18 Aug 2025 9:32 PM (IST)
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महाविहार में एंटी रैगिंग सप्ताह का हुआ समापन

नव नालन्दा महाविहार, नालन्दा में आयोजित एण्टी रैगिंग सप्ताह का समापन सोमवार को विशेष व्याख्यान के साथ हुआ.

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राजगीर. नव नालन्दा महाविहार, नालन्दा में आयोजित एण्टी रैगिंग सप्ताह का समापन सोमवार को विशेष व्याख्यान के साथ हुआ. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में वी.पी.एस. महाविद्यालय, देशरी (वैशाली) के मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. अरविंद प्रसाद उपस्थित थे। उन्होंने “रैगिंग के मनोवैज्ञानिक दुष्प्रभाव : वर्तमान कानून एवं दण्ड-व्यवस्था” विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला. उनके अनुसार, रैगिंग वरिष्ठ या साथियों द्वारा नए छात्रों के साथ किया जाने वाला उत्पीड़न है, जिसमें डराना-धमकाना, अपशब्द कहना या आर्थिक शोषण शामिल है. यह प्रवृत्ति पश्चिमी संस्कृति से आई और 19वीं शताब्दी में भारत के चिकित्सकीय एवं तकनीकी संस्थानों में गहराई से फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप एण्टी-रैगिंग प्रकोष्ठ की स्थापना करनी पड़ी. इसे रोकने हेतु आईपीसी की विभिन्न धाराएं जैसे 506, 509, 306, 307, 323, 342, 354 लागू होती हैं. इस अवसर पर कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि रैगिंग एक आपराधिक कृत्य है, जो कई बार निर्दोष छात्रों की जान लेने के साथ-साथ मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य भी नष्ट कर देता है. उन्होंने परिसर को रैगिंग मुक्त और आदर्श शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की अपील की. एण्टी रैगिंग सप्ताह के दौरान 13 अगस्त, 2025 को पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता तथा 14 अगस्त, 2025 को प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई. विजेताओं को कुलपति प्रो सिद्धार्थ सिंह, डॉ. अरविंद प्रसाद और एण्टी रैगिंग समिति के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार कर्ण द्वारा पुरस्कृत किया गया. पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नगु ये थी लान और विक्रांत चंचल, द्वितीय स्थान अंकित कुमार और डांग थी हाइप, जबकि तृतीय स्थान शिल्पी कुमार और नीरज कुमार ने प्राप्त किया. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ग्रुप-ए (नित्या राज एवं टीम), द्वितीय स्थान ग्रुप-ई (अमित कुमार एवं टीम) और तृतीय स्थान ग्रुप-एफ (अंकित कुमार एवं टीम) ने हासिल किया. प्रो. विजय कुमार कर्ण ने कहा कि यद्यपि महाविहार रैगिंग मुक्त परिसर है, फिर भी यह कुप्रथा किसी भी शैक्षणिक संस्था के लिए गंभीर अभिशाप है. इसलिए निरंतर जागरूकता और सावधानी ही इसका वास्तविक बचाव है. कार्यक्रम में अनेक प्रोकार्यक्रम में प्रस्तावित विषय रखते हुए महाविहार के एण्टी रैंगिग समिति के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार कर्ण ने कहा कि यद्यपि महाविहर रैंगिग मुक्त परिसर है तथापि यह रैगिंक शैक्षणिक परिसर के लिए अभिशाप एवं गंभीर बिमारी जैसी कुप्रथा है. अतः जागरूकता और सावधानी ही बचाव है. कार्यक्रम में प्रो. रवीन्द्र नाथ श्रीवास्तव, डॉ. नरेन्द्र दत्त तिवारी, डॉ. पी.के. दास, डॉ. मुकेश कुमार वर्मा, डॉ. धम्माज्योति, डॉ. भीष्म कुमार, डॉ. के. के. पाण्डेय एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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