शेखपुरा. जिले में बाल श्रम के रोकथाम को लेकर बुधवार को जागरूकता रैली आयोजित की गई. डीडीसी संजय कुमार जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर समाहरणालय से रवाना किया. इस अवसर पर श्रम संसाधन विभाग से जुड़े जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे. जागरूकता रैली में नगर क्षेत्र के सरकारी विद्यालय तरछा के अलावा अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे को श्रम में शामिल नहीं होने को लेकर विभिन्न प्रकार के पोस्टर और बैनर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया. 14 वर्ष आयु से कम बच्चों को उनके माता-पिता द्वारा उसे स्कूल भेजने की भी अपील की गई. इस अवसर पर रैली को रवाना करते हुए डीडीसी ने जिले में बाल श्रम और बाल विवाह रोकने को लेकर मीडिया को भी अपने स्तर से प्रचार प्रसार करने की अपील की. उन्होंने बताया कि 14 वर्ष आयु तक के बच्चों का पठन-पाठन उनके मूल अधिकार हैं. जिसका सम्मान और अनुपालन हम सभी को करना चाहिए. बाल श्रम करने वाले संस्थानों, प्रतिष्ठानों व्यक्तियों को दंड आदि के प्रावधानों के बारे में भी जागरूकता रैली के दौरान प्रचार प्रसार किया गया.
न्यायालयकर्मियों का आंदोलन ने लाया रंग.
शेखपुरा. न्यायालय कर्मी सहायक, चालक, प्रोसेस सर्वर, जमानत आदि के कागजात पहुंचाने वाले, रात्रि प्रहरी आदि भी अब न्यायालय लिपिक बन सकेंगे. इन सभी को प्रोन्नति देने के लिए सिमित परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा. इन सभी को प्रोन्नति का लाभ लेने के लिए सेवा अवधि 5 साल और 6 महीने निर्धारित की गई है. पटना उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में इस प्रोन्नति वाले परीक्षा के पटना के प्रधान जिला जज को समन्वय बनाया गया है. उन्होंने इस संबंध में सूचना जारी कर सभी पात्र चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को 1 मई से 15 मई तक परीक्षा फॉर्म भरने को कहा है. उसके बाद उनके भरे गए विहित फॉर्म को सभी जिलों के संबंधित प्रधान जिला जज पूरी तरह जांच पड़ताल कर 21 में को समन्वयक के पास भेज देंगे. बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ का आंदोलन रंग लाने लगा है. साल के शुरू में प्रोन्नति अनुकंपा सहित अन्य मांगों को लेकर किए गए अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद अब उसका साकारात्मक प्रतिफल सामने आने लगा है. इस संबंध में बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के संगठन सचिव सह जिला संघ के मीडिया प्रभारी अजीत कुमार, जिला कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कुमार पुरुषोत्तम, सचिव कुमार मंजेश आदि ने इस पहल को लेकर राज्य न्यायालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजेश्वर तिवारी को और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद किया है. इसके अलावा इन लोगों ने पटना उच्च न्यायालय और राज्य सरकार को भी के प्रति भी आभार प्रकट किया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय द्वारा उनके मांगों के संबंध में संघ के अध्यक्ष से पूर्ति करने में बारे में जानकारी लेते हुए पूछा गया कि किस मांग को पहले लागू किया जाए तो उन्होंने चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के प्रोन्नति के मामले को ही प्राथमिकता देने का आग्रह पटना उच्च न्यायालय से किया था. इस आदेश से राज्य भर के न्यायालय कर्मियों में हर्ष देखा जा रहा है.
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