नालंदा : सदर अस्पताल में बिना आईकार्ड मरीजों का इलाज करने की शिकायत पर एक्शन, इंटर्न के लिए SI कार्ड अनिवार्य

सदर अस्पताल में इंटर्न के लिए एस.आई. कार्ड अनिवार्य | Prabhat Khabar Network
Nalanda News : नालंदा के सदर अस्पताल में बिना स्टूडेंट आई.डी. कार्ड के मरीजों का इलाज करने की शिकायत पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. अब इंटर्नशिप कर रहे सभी छात्र-छात्राओं के लिए ड्यूटी पर एस.आई. कार्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है.
Nalanda News : नालंदा के सदर अस्पताल में बिना स्टूडेंट आइडेंटिटी (एस.आई.) कार्ड के एक बाहरी युवक द्वारा इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का उपचार किए जाने संबंधी गंभीर शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है. जिला पदाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच कराते हुए अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे सभी छात्र-छात्राओं के लिए ड्यूटी के दौरान अपना एस.आई.
कार्ड अनिवार्य रूप से साथ रखना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, नालंदा को भेजे गए प्रतिवेदन में बताया कि समाचार पत्र में प्रकाशित शिकायत के बाद पूरे मामले की त्वरित जांच कराई गई. जांच के दौरान संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से भी प्रतिवेदन प्राप्त किया गया, जिसमें बताया गया कि घटना के बाद सभी प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अस्पताल में ड्यूटी के समय अपना एस.आई. कार्ड अनिवार्य रूप से धारण करें.
बिना एस.आई. कार्ड के अस्पताल में नहीं मिलेगी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग,
आधिकारिक प्रतिवेदन के अनुसार, यदि कोई भी प्रशिक्षु छात्र या छात्रा बिना एस.आई. कार्ड के अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात पाया जाता है, तो उसे व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) में भाग लेने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी. अस्पताल प्रशासन ने इस कड़े निर्देश का जमीन पर अक्षरसः पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और वार्ड प्रभारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि लापरवाही पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
अस्पताल में कार्यरत प्रशिक्षुओं की होगी सही पहचान
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में अस्पताल के सभी प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए अपने एस.आई. कार्ड के साथ ही प्रशिक्षण और आवंटित ड्यूटी कर रहे हैं. इस नई व्यवस्था के लागू होने से अस्पताल में कार्यरत वास्तविक प्रशिक्षुओं की सही पहचान सुनिश्चित होगी तथा अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम या संशय पैदा नहीं रहेगा.
मरीजों की सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
सदर अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों की सुरक्षा, पारदर्शिता और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. भविष्य में इस प्रकार की किसी भी अप्रिय अनियमितता या चूक की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अस्पताल की आंतरिक निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार आगे भी ऐसे कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे.
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