नालंदा के किसान ने बढ़ाया जिले का मान, गुजरात में कॉमर्शियल फार्मिंग की ट्रेनिंग के लिए चयनित

जिला कृषि कार्यालय, बिहारशरीफ की तस्वीर
Bihar Sharif News : बिहार के पांच जिलों से कॉमर्शियल फार्मिंग प्रशिक्षण के लिए सात युवा किसानों का चयन हुआ है. नालंदा के नगरनौसा निवासी सुजीत चंद्र पटेल गुजरात के आनंद कृषि विश्वविद्यालय में आधुनिक खेती का प्रशिक्षण लेंगे.
नालंदा (बिहारशरीफ) से रणजीत सिंह
Bihar Sharif News : बिहार में खेती को उद्यम का रूप देने की मुहिम अब रफ्तार पकड़ रही है. प्रसार निदेशालय, कृषि एवं किसान मंत्रालय की विशेष पहल पर राज्य के पांच जिलों से सात युवा प्रगतिशील किसानों का चयन कॉमर्शियल फॉर्मिंग के प्रशिक्षण के लिए किया गया है.खास बात यह है कि नालंदा जिले से यह गौरव नगरनौसा प्रखंड के चौरासी गांव निवासी एवं युवा किसान सुजीत चंद्र पटेल को मिला है.
ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती का अनुभव अब नालंदा के किसानों तक पहुंचाएंगे सुजीत
आत्मा, नालंदा के परियोजना उप निदेशक भानू प्रकाश ने कहा कि सुजीत का चयन पूरे नालंदा जिले के लिए गर्व की बात है. गुजरात से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद वे जिले के अन्य किसानों को भी आधुनिक खेती, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और औषधीय पौधों की व्यावसायिक खेती के गुर सिखाएंगे. इससे जिले में हाई-वैल्यू खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आमदनी दोगुनी करने के सरकार के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी.
बिहार के 5 जिले से 7 किसान चयनित
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए गया जी और पटना से दो-दो, जबकि नालंदा, भोजपुर और वैशाली से एक-एक युवा किसान को चुना गया है. आत्मा, नालंदा के परियोजना उप निदेशक भानू प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2026 में कॉमर्शियल फॉर्मिंग पर प्रशिक्षण के लिए 35 साल से कम उम्र के उन किसानों का चयन किया गया है, जो आधुनिक खेती में नवाचार कर रहे हैं.
ड्रैगन फ्रूट-स्ट्रॉबेरी से बनाई अलग पहचान
चयनित किसान सुजीत चंद्र पटेल पारंपरिक फसलों से हटकर ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी हाई-वैल्यू फसलों की बंपर खेती कर रहे हैं. कम पानी में तैयार होने वाली और बाजार में बेहतर दाम दिलाने वाली इन फसलों से उन्होंने आसपास के किसानों को भी नई राह दिखाई है. इसी नवाचार के कारण उन्हें प्रशिक्षण के लिए चुना गया.
आनंद कृषि विवि में तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण
गुजरात के आनंद कृषि विश्वविद्यालय में 21 जुलाई से 23 जुलाई तक तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित होगा. इसमें कृषि विशेषज्ञ चयनित किसानों को कॉमर्शियल फॉर्मिंग के तौर-तरीके, फसल विविधीकरण, वैल्यू एडिशन, प्रोडक्ट प्रोसेसिंग, मार्केट लिंकेज और निर्यात की बारीकियां सिखाएंगे. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए तैयार करना है.
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