नालंदा से 8 माह के जनसुराज का अपहरण, पुलिस ने 31 घरों की ली तलाशी, नहीं मिला सुराग

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Nalanda Chhabilapur Infant Kidnapping News: नालंदा जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव में सोते हुए माता-पिता के बीच से आठ महीने के मासूम जनसुराज का रहस्यमय अपहरण हो गया है. घटना के बाद डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के निर्देश पर डॉग स्क्वाड और एफएसएल की टीम जांच में जुट गई है. पुलिस ने गांव के 31 घरों की तलाशी ली है. पढ़ें पूरी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट.

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नालंदा से रामविलास की रिपोर्ट

Nalanda Chhabilapur Infant Kidnapping News: नालंदा जिला अंतर्गत राजगीर अनुमंडल और छबिलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव से सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है. कंचनपुर गांव में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि को अपने माता-पिता के साथ घर के बरामदे में सो रहे महज आठ महीने के एक मासूम बच्चे का अज्ञात बदमाशों ने रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया. सुबह जब इस वारदात की भनक परिजनों और ग्रामीणों को लगी तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और शुक्रवार को विधिवत अपहरण का केस दर्ज कर वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है.

सांकेतिक तस्वीर

चार भाई-बहनों में सबसे छोटा है मासूम, चाची ने बताया घटनाक्रम

छबिलापुर थाने और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के बाद से गांव के हर घर में उदासी और आक्रोश का माहौल व्याप्त है. अपहृत बच्चे की पहचान कंचनपुर निवासी महेश मांझी के आठ महीने के बेटे जनसुराज के रूप में की गई है. वह अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा और लाडला है. बच्चे की चाची मंती देवी ने बताया कि गुरुवार की रात पूरा परिवार खाना खाने के बाद गर्मी के कारण घर के बाहर बरामदे में सोया हुआ था. रात करीब 12 बजे तक बच्चा अपनी मां के पास बिल्कुल सुरक्षित था, लेकिन रात करीब 1 बजे जब अचानक परिवार के कुछ सदस्यों की आंख खुली तो बच्चा अपने बिस्तर से गायब था.

सांकेतिक तस्वीर

रातभर खेतों और गलियों में भटकते रहे ग्रामीण, खोजबीन जारी

बच्चे के गायब होने की खबर फैलते ही पूरा कंचनपुर गांव जाग गया. ग्रामीण तुरंत हाथों में टॉर्च और लाठियां लेकर रात के अंधेरे में ही गलियों, झाड़ियों और आसपास के खेतों की ओर दौड़ पड़े. रातभर सघन खोज अभियान चलाया गया लेकिन मासूम का कोई पता नहीं चला. शुक्रवार की सुबह तेज बारिश शुरू होने के बाद भी पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का हौसला नहीं टूटा. परिजन अपने स्तर से कंचनपुर के सीमावर्ती इलाकों जैसे कोलबाबाद, कटारी और बथानी सहित कई अन्य देहाती गांवों में भी लगातार बच्चे की तलाश कर रहे हैं. परिवार का सीधा आरोप है कि बिना किसी स्थानीय मुखबिर या परिचित की मिलीभगत के सोते हुए माता-पिता के बीच से बच्चे को उठाना मुमकिन नहीं है.

सांकेतिक तस्वीर

पुलिस ने कंचनपुर के 31 घरों की ली तलाशी

इस संवेदनशील मामले की सूचना मिलते ही छबिलापुर थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है.

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) संजीत कुमार गुप्ता ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि मासूम बच्चे की सुरक्षित घर वापसी पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

जांच के लिए पटना से डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीमों को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पुलिस बल ने कंचनपुर गांव के सभी 31 घरों के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली है. इसके अलावा, गांव के निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल लोकेशन को भी ट्रैक किया जा रहा है. डीएसपी ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर लिया जाएगा.

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Aditya Kumar Ravi

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By Aditya Kumar Ravi

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