तिरंगे और स्वतंत्रता दिवस के नाम पर साइबर ठगी का नया खेल, एक फर्जी लिंक या APK डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता
साइबर अपराधियों ने स्वतंत्रता दिवस का फायदा उठाना शुरू कर दिया है. व्हाट्सएप और फेसबुक पर 'मुफ्त रीचार्ज' या 'डिजिटल तिरंगा' जैसे लुभावने संदेशों के साथ फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं. एक क्लिक से आपका बैंक खाता खाली हो सकता है.
Biharshaif News: स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से पहले साइबर अपराधियों ने लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए राष्ट्रभक्ति और तिरंगे का सहारा लेना शुरू कर दिया है. व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 15 अगस्त की शुभकामनाओं, 'मुफ्त रीचार्ज', 'सरकारी उपहार', 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ने और 'अपने नाम का डिजिटल तिरंगा बनाने' जैसे लुभावने संदेश तेजी से भेजे जा रहे हैं. इन संदेशों के साथ संदिग्ध फर्जी लिंक (Phishing Links) और खतरनाक एपीके फाइलें (APK Files) संलग्न की जा रही हैं, जिन पर क्लिक करते ही मोबाइल और निजी बैंकिंग डेटा हैकर्स के कब्जे में आ सकता है.
बिहारशरीफ और वेना में सामने आए साइबर ठगी के प्रयास
नालंदा जिले के बिहारशरीफ और आसपास के इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं:
- केस 1 (फ्री रिचार्ज झांसा): बिहारशरीफ के कारोबारी निवास कुमार के व्हाट्सएप पर रिलायंस जियो के नाम से संदेश आया, जिसमें 15 अगस्त के मौके पर 1 महीने का फ्री रिचार्ज देने का दावा किया गया. शर्त यह रखी गई कि संदेश को 10 अन्य लोगों को फॉरवर्ड करें. लिंक खोलने पर जब मोबाइल नंबर और ओटीपी मांगा गया, तो संदिग्ध लगने पर उन्होंने प्रक्रिया रोक दी.
- केस 2 (फर्जी एपीके फाइल): वेना निवासी शिशुकांत कुमार के पास 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक मोबाइल ऐप इंस्टॉल करने का मैसेज आया. अज्ञात एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैंग होने लगा.
साइबर जानकारों का कहना है कि अज्ञात स्रोतों से मिली एपीके फाइलें मोबाइल के फोनबुक, मैसेजेस, गैलरी और यूपीआई/बैंकिंग ऐप्स तक हैकर्स की पहुंच बना देती हैं.
परिचितों के नंबर से भी आ रहे हैं ठगी वाले लिंक
साइबर ठग अपनी चाल में लोगों को फंसाने के लिए संदेशों को चेन-सिस्टम की तरह फॉरवर्ड करवाते हैं. जब कोई लिंक किसी रिश्तेदार या मित्र के नंबर से आता है, तो लोग बिना जांचे-परखे उस पर भरोसा कर लेते हैं और धोखाधड़ी का शिकार बन जाते हैं. फर्जी वेबसाइट्स हूबहू असली जैसी दिखती हैं, जहां क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और ओटीपी मांगकर खाते से पैसे उड़ा लिए जाते हैं.
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- अनजान लिंक से दूरी बनाएं: 15 अगस्त के फ्री गिफ्ट, कूपन या रीचार्ज वाले किसी भी लिंक को न खोलें.
- APK फाइल डाउनलोड न करें: किसी भी सूरत में अनधिकृत स्रोतों से मिली एपीके फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल न करें.
- गोपनीय जानकारी न दें: बैंक खाता, यूपीआई पिन या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें.
- सत्यता की जांच करें: 'हर घर तिरंगा' जैसी राष्ट्रीय योजनाओं की सही जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों से ही लें.
- हेल्पलाइन 1930 पर करें शिकायत: यदि दुर्भाग्यवश कोई ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (
cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By कंचन कुमार
कंचन कुमार वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उत्तराखंड से शुरुआत करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, नवादा और बिहारशरीफ में विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर बिहारशरीफ कार्यालय में नालंदा जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. जिला प्रशासन, खोजी एवं विशेष रिपोर्ट, जमीनी पड़ताल, विकास, जनसरोकार के मुद्दों तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गहन विश्लेषण के लिए उनकी विशेष पहचान है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










