हरनौत में सफाईकर्मियों का आक्रोश मार्च, ठेका प्रथा खत्म करने समेत तीन सूत्री मांगों पर सरकार को चेतावनी
आक्रोश मार्च
बिहार के हरनौत में सफाईकर्मियों ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला। अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है।
बिहारशरीफ. बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर हरनौत नगर निकाय के हड़ताली सफाईकर्मियों ने बुधवार को शहर में आक्रोश मार्च निकालकर अपनी तीन सूत्री मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया. 30 जुलाई 2026 से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.
सरकारी कर्मचारी का दर्जा और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि नगर निकायों में कार्यरत स्थायी, दैनिक, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मी वर्षों से कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पर्याप्त वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के ही सफाई कार्य कराया जाता है.
तीन सूत्री मांगों पर अड़े कर्मचारी
हड़ताली कर्मचारियों ने सभी कर्मियों का स्थायीकरण कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, ठेका प्रथा समाप्त करने तथा एसीपी और एमएसीपी के लंबित भुगतान की मांग दोहराई. संयुक्त मोर्चा का कहना है कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी.
भाकपा माले ने दिया आंदोलन को समर्थन
आंदोलन को भाकपा माले हरनौत का भी समर्थन मिला. पार्टी के प्रभारी बिरेश कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को सरकार अब तक पूरा नहीं कर सकी है. उन्होंने सरकार से हड़ताली कर्मचारियों के साथ तत्काल वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की. वहीं, माले नेता राजेश रविदास ने कहा कि सफाईकर्मियों के अधिकारों की लड़ाई में पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ खड़ी रहेगी.
हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित
लगातार जारी हड़ताल का असर हरनौत समेत आसपास के कई नगर निकाय क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है. जगह-जगह कचरे का अंबार लगने से लोगों को परेशानी हो रही है. संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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